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Monday, April 20, 2026

बड़ी राहत: अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच 2 सप्ताह का युद्ध विराम, होर्मुज जलडमरूमध्य खुलेगा

वाशिंगटन/तेहरान । पश्चिम एशिया में जारी भीषण तनाव के बीच दुनिया ने बड़ी राहत की सांस ली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी के बाद आखिरकार अमेरिका, इजराइल और ईरान दो सप्ताह के संघर्ष विराम (सीजफायर) पर सहमत हो गए हैं। इस समझौते के साथ ही अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर अपने हमले रोक दिए हैं।

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इस्लामाबाद में हो सकती है सीधी वार्ता
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब दोनों पक्षों के बीच आमने-सामने की बातचीत की तैयारी चल रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि यह महत्वपूर्ण बैठक पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आयोजित हो सकती है। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संभवतः उपराष्ट्रपति जेडी वैंस करेंगे, जिसमें स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर भी शामिल हो सकते हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने भी सीधी बातचीत की संभावनाओं की पुष्टि की है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण
संघर्ष विराम समझौते के तहत ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों के आवागमन को फिर से शुरू करने पर सहमति जताई है। हालांकि, ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने स्पष्ट किया है कि जहाजों का आवागमन ईरानी सशस्त्र बलों के समन्वय और उनकी तकनीकी सीमाओं के तहत ही होगा। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागाची ने इस मध्यस्थता के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सैन्य प्रमुख आसिम मुनीर की भूमिका की सराहना की है।

ट्रंप की ‘विनाश’ वाली चेतावनी का असर
गौरतलब है कि यह समझौता राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा दी गई उस अंतिम चेतावनी के कुछ घंटों बाद हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि ईरान ने होर्मुज का रास्ता नहीं खोला, तो उसे “रातों-रात तबाह कर एक सभ्यता का अंत” कर दिया जाएगा। ट्रंप की इस धमकी के बाद संयुक्त राष्ट्र प्रमुख और पोप सहित दुनिया भर के नेताओं ने शांति की अपील की थी।

इजराइल का रुख
शुरुआत में ट्रंप के अचानक बदले रुख से इजराइली अधिकारी हैरान थे, लेकिन प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति के फैसले का समर्थन करते हुए युद्ध विराम का पालन करने की पुष्टि कर दी है। फिलहाल, 28 फरवरी से भड़की युद्ध की लपटें शांत होती दिख रही हैं, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और कच्चे तेल की सप्लाई चेन को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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