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Tuesday, April 7, 2026

रिम्स जमीन घोटाला: ACB की बड़ी कार्रवाई, अवैध तरीके से जमीन बेचने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार

रांची | राजधानी के प्रतिष्ठित आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) की सरकारी जमीन को फर्जी दस्तावेजों के सहारे बेचने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी सफलता हासिल की है। मंगलवार को एसीबी ने इस घोटाले में शामिल चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पकड़े गए आरोपियों में स्थानीय भू-माफिया और बिचौलिए राजकिशोर बड़ाईक (बांधगाड़ी, रांची), कार्तिक बड़ाईक (बांधगाड़ी, रांची), राजेश कुमार झा (आदर्श नगर, कोकर), चेतन कुमार

वंशावली में हेरफेर कर बेची 7 एकड़ जमीन
जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने रिम्स की 7 एकड़ से अधिक अधिग्रहित भूमि को हड़पने के लिए गलत वंशावली (Genealogy) तैयार की थी। साल 1964-65 में अधिग्रहित की गई इस कीमती जमीन पर अवैध तरीके से अपार्टमेंट, दुकानें और पार्क बना दिए गए थे। एसीबी को जांच के दौरान दस्तावेजों में हेराफेरी और भारी अवैध लेन-देन के पुख्ता सबूत मिले हैं।

हाईकोर्ट के आदेश पर कसता शिकंजा
यह पूरी कार्रवाई झारखंड उच्च न्यायालय के कड़े रुख के बाद हुई है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों, बिल्डरों और भू-माफियाओं के गठजोड़ की जांच का जिम्मा एसीबी को सौंपा था। राजस्व विभाग, रांची नगर निगम, निबंधन कार्यालय और RRDA के अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। हाईकोर्ट के आदेश पर पहले ही इन अवैध इमारतों को जमींदोज किया जा चुका है।

एसीबी ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस गिरफ्तारी के बाद भू-माफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।

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