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Wednesday, August 26, 2026

गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे लोग, छात्रों और मजदूरों के सामने खाने का संकट

हजारीबाग । शहर समेत पूरे जिले में पिछले एक सप्ताह से रसोई गैस (एलपीजी) की भारी किल्लत देखी जा रही है। गैस रिफिल के लिए उपभोक्ताओं को रविवार को भी दर-दर भटकना पड़ रहा है।

शहर के मटवारी, कोर्रा, बाबूगांव और ओकनी, कटकमसांडी, बड़कागांव, केरेडारी, बरही, चरही जैसे क्षेत्रों में स्थिति बेहद गंभीर है,जहां बुकिंग के 20 दिनों बाद भी सिलेंडर की डिलीवरी नहीं हो पा रही है।

उल्लेखनीय हो कि हजारीबाग एक एजुकेशन हब है,जहां हजारों छात्र लॉज और हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करते हैं। गैस न मिलने के कारण छात्रों को होटलों में खाना खाने पर मजबूर होना पड़ रहा है,जिससे उनका बजट बिगड़ गया है। वहीं,दिहाड़ी मजदूरों के सामने भी चूल्हा जलाने की चुनौती खड़ी हो गई है। कई इलाकों में लोग एक बार फिर कोयले और लकड़ी के पारंपरिक चूल्हों की ओर लौटने को मजबूर हैं।

जिले की प्रमुख गैस एजेंसियों के बाहर सुबह 6 बजे से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि ऑनलाइन बुकिंग और ओटीपी आने के बावजूद उन्हें स्टॉक खत्म है कहकर लौटा दिया जा रहा है। कई ग्रामीणों ने शिकायत की है कि वितरक मनमाने तरीके से डिलीवरी में देरी कर रहे हैं। इधर लक्की गैस एजेंसी के संचालक दिलीप कुमार ने बताया कि गैस नहीं है, आने पर ही मिलेगा।

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