नेपाल के रसुवा जिले में आई अचानक बाढ़ से 8 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 100 भारतीय पर्यटकों समेत 300 से अधिक पर्यटकों और पदयात्रियों का अब तक पता नहीं चल पाया है। नेपाली सेना, आर्म्ड पुलिस फोर्स और नेपाल पुलिस को तैनात किया गया है और खोज और बचाव अभियान के लिए 15 हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं। नेपाल-चीन सीमा के पास तिमुरे में तैनात आर्म्ड पुलिस फोर्स के 9 जवान लापता बताए जा रहे हैं।
पर्यटन और ट्रैवल कंपनियों से मिले शुरुआती रिकॉर्ड के मुताबिक, प्रभावित इलाकों से 384 यात्रियों के लापता होने की जानकारी मिली है। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। ट्रैवल एजेंसियों, गाइड, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर इन आंकड़ों की जांच की जा रही है। विदेशी पर्यटकों में भारतीयों के अलावा ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड्स, अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका के नागरिक शामिल हैं।
वहीं, नेपाल सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल राजाराम बस्नेत के मुताबिक, बुसी तथा तुसु जैसे प्रभावित इलाकों से 25 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। इनमें 7 नेपाली सेना के हैं, जबकि 8 दूसरी एजेंसियों के हैं।
पर्यटन बोर्ड, पर्यटक पुलिस, स्थानीय प्रशासन तथा सुरक्षा एजेंसियां लापता लोगों की जानकारी जुटा रही हैं। ट्रेकिंग गाइडों की मदद से भी प्रभावित इलाकों में लोगों की तलाश की जा रही है। मछली ट्रेनिंग कैंप में मेडिकल सेंटर बनाया गया है। यहां घायलों का इलाज किया जा रहा है। प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीमों के साथ बचाव दल भी तैनात हैं।
इस भयानक प्राकृतिक आपदे के बाद नेपाल में चीन की मंशा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कई लोगों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चीन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि चीन ने वक्त रहते नेपाल को तिब्बत से आने वाले इस बाढ़ की जानकारी नहीं दी।
