रांची । कांके प्रखंड के मौजा-टेण्डर अंतर्गत हड़गड़ी जमीन पर प्रस्तावित झारखंड जगुआर (STF) कैंप के विस्तार को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। शनिवार को स्थानीय ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया।
आस्था का केंद्र है हड़गड़ी जमीन
मुलाकात के दौरान ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिस भूमि पर कैंप का विस्तार प्रस्तावित है, वह आदिवासी समाज की आस्था और सदियों पुरानी परंपराओं से जुड़ा ‘हड़गड़ी स्थल’ है। ग्रामीणों के अनुसार, यहाँ वर्षों से पारंपरिक पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित होती आ रही हैं। समाज ने प्रशासन से आग्रह किया है कि आदिवासी भावनाओं का सम्मान करते हुए कैंप के लिए किसी वैकल्पिक भूमि की व्यवस्था की जाए।
सरहुल के सफल आयोजन पर जताया आभार
विरोध के स्वर के बीच ग्रामीणों ने जिला प्रशासन की सराहना भी की। हाल ही में संपन्न हुए सरहुल पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और व्यवस्थित वातावरण में संपन्न कराने के लिए ग्रामीणों ने DC का धन्यवाद किया। इस मौके पर ग्रामीणों ने उपायुक्त को शॉल ओढ़ाकर और गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे मौजूद
इस मुलाकात के दौरान मुख्य रूप से अजय तिर्की, अध्यक्ष (केंद्रीय सरना समिति), अमित मिंज, वार्ड पार्षद कांके प्रखंड के भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
प्रशासनिक रुख पर नजर
ग्रामीणों की बात सुनने के बाद अब सबकी नजरें जिला प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि विकास और सुरक्षा जरूरी है, लेकिन उनकी धार्मिक और पारंपरिक पहचान की कीमत पर नहीं।

