गुवाहाटी | असम विधानसभा चुनाव के रण में अब वार-पलटवार का दौर तेज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की रैलियों के बाद, अब कांग्रेस के दिग्गज नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज असम के दौरे पर आ रहे हैं। राहुल गांधी के इस दौरे से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है और माना जा रहा है कि वे ऊपरी असम और कार्बी आंगलोंग क्षेत्र में चुनावी समीकरणों को साधने की कोशिश करेंगे।
राहुल गांधी का आज का दौरा काफी व्यस्त रहने वाला है। राहुल गांधी सुबह विशेष विमान से दिल्ली से रवाना होकर डिमापुर हवाई अड्डे पहुंचेंगे।
पहली जनसभा (बोकाजान): डिमापुर से हेलीकॉप्टर द्वारा वे कार्बी आंगलोंग जिले के बोकाजान जाएंगे। यहाँ वे एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे और पहाड़ी जिलों की स्थानीय समस्याओं और स्वायत्तता के मुद्दों पर पार्टी का पक्ष रखेंगे।
दूसरी जनसभा (तिताबर): बोकाजान के बाद राहुल गांधी जोरहाट जिले के तिताबर पहुंचेंगे। तिताबर कांग्रेस का पारंपरिक गढ़ रहा है (पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई का क्षेत्र), यहाँ वे ऊपरी असम के मतदाताओं को साधने के लिए जनसंवाद करेंगे।
कार्यक्रम समाप्त कर वे जोरहाट से ही विशेष विमान द्वारा दिल्ली लौट जाएंगे।
कांग्रेस के दिग्गजों का जमावड़ा
राहुल गांधी का यह दौरा कांग्रेस की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत पार्टी के शीर्ष नेता लगातार राज्य का दौरा कर रहे हैं। इससे पहले मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा और डीके शिवकुमार राज्य में माहौल बना चुके हैं। प्रियंका गांधी 4 अप्रैल को दोबारा असम आएंगी। राहुल गांधी खुद फिर से 5 अप्रैल को बोकाजान और धेमाजी में प्रचार करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे 6 अप्रैल को राज्य के दौरे पर रहेंगे।
सत्ता पक्ष बनाम विपक्ष: जुबानी जंग तेज
जहाँ कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आज गृहमंत्री अमित शाह विकास और सुरक्षा के मुद्दे पर एनडीए के लिए वोट मांग रहे हैं, वहीं राहुल गांधी के निशाने पर बेरोजगारी, महंगाई और नागरिकता (CAA) जैसे मुद्दे रहने की संभावना है।
असम की 126 सीटों के लिए होने वाले इस चुनाव में अब मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। एक तरफ भाजपा का ‘डबल इंजन’ विकास का दावा है, तो दूसरी तरफ राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस का ‘न्याय’ कार्ड।


