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Wednesday, March 18, 2026

नोवस लॉयल्टी का आईपीओ लॉन्च, 25 मार्च को हो सकती है लिस्टिंग

नई दिल्ली । टेक्नोलॉजी सर्विस प्रोवाइडर नोवस लॉयल्टी लिमिटेड का 60.15 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 20 मार्च तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 23 मार्च को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 24 मार्च को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 25 मार्च बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। शाम पांच बजे तक कंपनी के आईपीओ को 83 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिल चुका था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 139 रुपये से लेकर 146 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,000 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 2,000 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,92,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 41.20 लाख शेयर जारी हो रहे हैं। इनमें 45 करोड़ रुपये के 30.70 लाख नए शेयर और 12 करोड़ रुपये के 8.20 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं। 2.30 लाख शेयर मार्केट मेकर्स के लिए रिजर्व किए गए हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 47.09 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 33.11 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 14.22 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर्स के लिए 5.58 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए स्मार्ट हॉरिजन कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 55 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 2.96 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 3.58 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 5.80 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 59.61 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 73.61 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 104.63 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 71.43 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

इस अवधि में कंपनी के कर्ज में भी लगातार कमी आई। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 3.53 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2023-24 के अंत तक घट कर 82 लाख रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले साल 2024-25 में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ पूरी तरह से खत्म हो गया। फिलहाल कंपनी पर किसी भी तरह का कोई पुराना कर्ज नहीं है। इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 6.53 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 9.49 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 13.08 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 6.64 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 2.27 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 4.82 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 5.69 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 7.79 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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