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Thursday, April 30, 2026

इजराइल का बेरूत में हमला, ईरानी कुद्स फोर्स के लेबनान कॉर्प्स के कमांडर मारे गए

तेहरान/बेरूत/ तेल अवीव/वाशिंगटन। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जंग के नौवें दिन तक युद्ध की लपटें फारस के खाड़ी देशों तक पहुंच चुकी है। इजराइल को आज (रविवार) सुबह ईरान पर किए गए जबरदस्त हमले का मिसाइलों से जवाब मिला है। इजराइल ने लेबनान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के कुद्स फोर्स के लेबनान कॉर्प्स के कमांडरों को मार गिराने का दावा किया है।

सीबीएस न्यूज, फॉक्स न्यूज और सीएनएन की रिपोर्ट्स के अनुसार, इस जंग में अमेरिका और इजराइल के सैन्य अभियान में ईरान को अब तक सबसे बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है। देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के अधिकांश सदस्यों समेत आला सैन्य अफसर मारे जा चुके हैं। युद्ध की लपटों से फारस की खाड़ी के देश झुलस रहे हैं। अमेरिका के भी छह सैन्य अफसरों की मौत हो चुकी है।

इज़राइल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने आज सुबह कहा कि ईरान में हमलों की एक नई लहर शुरू की गई है। सेना ने ईरानी सरकार के प्रमुख स्थलों को निशाना बनाया है। आईडीएफ ने उसके हमले के बाद ईरान से इजराइल की ओर मिसाइलें दागी गई हैं। देश की रक्षा प्रणाली (बहु-स्तरीय सुरक्षा कवच) इस खतरे को रोकने के लिए काम कर रही है।

आईडीएफ ने कहा कि ईरान पर हमले से कुछ देर पहले बेरूत में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के कुद्स फोर्स के लेबनान कॉर्प्स के कमांडरों को निशाना बनाकर मिसाइलें दागी गईं। इस हमले में चार कमांडर मारे गए।लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि यह हमला बेरूत के प्रसिद्ध पर्यटन क्षेत्र में एक होटल पर हुआ। हमले में चार लोग मारे गए। मंत्रालय ने बयान में यह साफ नहीं किया कि मारे गए लोगों में कमांडर हैं या अन्य लोग।

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के शीर्ष रक्षा अधिकारी अली लारीजानी की धमकी की परवाह नहीं करते। लारीजानी लंबे समय तक खामेनेई के भरोसेमंद रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि लारीजानी को मालूम होना चाहिए कि खामेनेई के मारे जाने के बाद ईरान पहले ही हार चुका है। ईरान की भलाई इसी बात पर है कि वह बिना शर्त आत्मसमर्पण कर दे। उन्होंने कहा कि अब इराक के कुर्दों से अमेरिका को मदद की जरूरत नहीं है।

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