33 C
Kolkata
Wednesday, April 15, 2026

झारखंड विधानसभा : राज्य के खराब पड़े हैंडपंप की मरम्मत का मुद्दा उठाया गया

रांची। झारखंड विधानसभा में बजट सत्र के छठे दिन बुधवार को सारठ विधायक उदय शंकर सिंह ने अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से राज्य के खराब हैंडपंप की मरम्मत का मुद्दा उठाया। जल संसाधन विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने इसके जवाब में कहा कि विभाग ने सभी खराब हैंडपंप की मरम्मत के लिए तैयारी पूरी कर ली है। टोल-फ्री नंबर जारी किया गया है, ताकि नागरिक अपनी शिकायतें सीधे विभाग को भेज सकें। शिकायतें मिलने पर विभाग तुरंत कार्रवाई करेगा।

विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने भी गर्मी में पानी की समस्या को लेकर चिंता जताई। विधायक और अध्यक्ष दोनों ने कहा कि मरम्मत कार्य जल्द से जल्द पूरा होना चाहिए ताकि जनता को राहत मिल सके।

पेयजल आपूर्ति की समस्या को लेकर सवाल : सदन में विधायक सुरेश पासवान ने देवघर शहर में पेयजल आपूर्ति की समस्या को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि पुनाशी जलाशय से देवघर शहर तक पाइप बिछाकर जलापूर्ति सुनिश्चित करने की परियोजना में देरी क्यों हो रही है। इस पर नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने जवाब दिया कि इकरारनामा के अनुसार परियोजना को पूर्ण करने की तिथि जुलाई 2023 निर्धारित थी। हालांकि चिन्हित वन भूमि पर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और ग्राउंड लेवल सर्विस रिजर्वायर के निर्माण के लिए वन विभाग से एनओसी नहीं मिलने के कारण कार्य में विलंब हुआ।

पुल निर्माण में आ रही समस्या का मुद्दा उठाया : सदन में विधायक अमित कुमार यादव ने अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से ग्राम सेतु योजना के तहत पुल निर्माण में आ रही समस्याओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कभी-कभी पुल की लंबाई ज्यादा होने के कारण 10 करोड़ रूपये की निर्धारित राशि कम पड़ जाती है। सदन में विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने भी अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि पिछले 15 सालों में उनके विधानसभा क्षेत्र में एक पुल का निर्माण नहीं हो सका, जिसका मुख्य कारण निर्माण लागत की अधिकता रही।

इस पर ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने स्पष्ट किया कि विधायक की अनुशंसा पर अधिकतम 10 करोड़ रूपये की स्वीकृति देने का प्रावधान है। इससे अधिक लागत आने पर अतिरिक्त राशि स्वीकृत नहीं की जा सकती। विधायकों ने कहा कि योजना में वित्तीय सीमा के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं लेकिन मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह सीमा नियमावली के अनुसार तय की गई है। इसका पालन अनिवार्य है।

Related Articles

नवीनतम लेख