30.2 C
Kolkata
Thursday, March 5, 2026

प्रधानमंत्री 10-11 जनवरी को गुजरात के सोमनाथ का दौरा करेंगे

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 10-11 जनवरी को गुजरात के सोमनाथ का दौरा करेंगे और सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में भाग लेंगे। यह कार्यक्रम सोमनाथ मंदिर पर पहले आक्रमण के 1,000 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है, जो भारत की अटूट सभ्यतागत निरंतरता और अदम्य आत्मबल का प्रतीक है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 10 जनवरी को रात करीब 8 बजे प्रधानमंत्री सोमनाथ मंदिर परिसर में ‘ओमकार मंत्र’ के सामूहिक जाप में भाग लेंगे। इसके बाद वे मंदिर परिसर में आयोजित ड्रोन शो देखेंगे।
प्रधानमंत्री 11 जनवरी को सुबह करीब 9:45 बजे शौर्य यात्रा में शामिल होंगे। यह एक भव्य और प्रतीकात्मक शोभायात्रा होगी, जिसका आयोजन सोमनाथ मंदिर की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले असंख्य वीर योद्धाओं के सम्मान में किया जा रहा है। शौर्य यात्रा में 108 घोड़ों की प्रतीकात्मक पदयात्रा शामिल होगी, जो वीरता और बलिदान का प्रतीक है। इसके पश्चात सुबह लगभग 10:15 बजे प्रधानमंत्री सोमनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे। सुबह करीब 11 बजे वे सोमनाथ में आयोजित एक जनसभा में भाग लेकर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगे।
समारोह के दौरान देशभर से सैकड़ों संतों की सहभागिता होगी और मंदिर परिसर में 72 घंटे तक निरंतर ‘ओम’ मंत्र का जाप किया जाएगा। प्रधानमंत्री की इस सहभागिता को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण एवं उत्सव के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है। 8 से 11 जनवरी तक आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का उद्देश्य उन अनगिनत भारतीय नागरिकों के बलिदान को स्मरण करना है, जिन्होंने सदियों तक सोमनाथ मंदिर की रक्षा के लिए संघर्ष किया और जिनका त्याग आने वाली पीढ़ियों की सांस्कृतिक चेतना को प्रेरित करता रहेगा।
यह आयोजन वर्ष 1026 में महमूद गजनवी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर किए गए आक्रमण के 1,000 वर्ष पूरे होने का स्मरण कराता है। सदियों में बार-बार विनाश के प्रयासों के बावजूद सोमनाथ मंदिर आज भी आस्था, दृढ़ संकल्प और राष्ट्रीय गौरव का सशक्त प्रतीक बना हुआ है। स्वतंत्रता के बाद सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प सरदार वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व में लिया गया था। इस पुनरुत्थान यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव वर्ष 1951 में आया, जब तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की उपस्थिति में पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए खोला गया। वर्ष 2026 में इस ऐतिहासिक पुनर्स्थापना के 75 वर्ष पूरे होना सोमनाथ स्वाभिमान पर्व को विशेष महत्व प्रदान करता है।

Related Articles

Stay Connected

0FansLike
3,851FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles