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Sunday, August 23, 2026

स्टार्टअप्स को मोदी का भरोसा, कहा- कोई मेरा हाथ नहीं छोड़ेगा

नई दिल्ली। राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अंतरिक्ष क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय स्टार्टअप्स के युवा नेतृत्वकर्ताओं के साथ हुई बातचीत का वीडियो साझा किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने युवा उद्यमियों को भरोसा दिलाया कि सरकार नीतियों में निरंतरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि जोखिम लेकर नए क्षेत्रों में काम करने वाले उद्यमियों को यह विश्वास रहे कि मुश्किल समय में सरकार उनका साथ नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि नए क्षेत्र में साहस दिखाने वाले युवाओं ने सरकार पर भरोसा किया है और इस भरोसे को कायम रखना उनकी जिम्मेदारी है।

प्रधानमंत्री आवास पर शुक्रवार को हुए संवाद का वीडियो रविवार को जारी किया गया। प्रधानमंत्री ने बातचीत के दौरान कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में स्टार्टअप्स ने एक नए क्षेत्र में कदम रखने का साहस दिखाया है। उन्होंने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन युवाओं ने सरकार की नीतियों और उसके प्रयासों पर भरोसा किया है।

वीडियो साझा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्होंने भारत के कुछ प्रतिभाशाली अंतरिक्ष स्टार्टअप्स से मुलाकात की और उनकी ऊर्जा तथा महत्वाकांक्षा से वह बेहद प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि इन युवा उद्यमियों की दूरदृष्टि और आशावादिता भारत की अंतरिक्ष यात्रा को नई दिशा देने वाली है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास रहा है कि अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े फैसलों में निरंतरता बनी रहे और बार-बार बदलाव न किया जाए। उन्होंने कहा कि जब कोई उद्यमी जोखिम लेकर आगे बढ़ता है तो उसे यह भरोसा होना चाहिए कि अगर कोई परेशानी आती भी है तो सरकार उसका हाथ नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि सरकार इसी विश्वास को पैदा करने के लिए लगातार काम कर रही है।

संवाद के दौरान एक युवा उद्यमी ने बताया कि भारतीय अंतरिक्ष कंपनियों को वैश्विक स्तर पर अच्छा समर्थन मिल रहा है। उन्होंने इसमें सरकार की भूमिका का भी उल्लेख किया और कहा कि भारतीय कंपनियों को अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात बढ़ाने के लिए सरकारी स्तर पर सहयोग मिल रहा है।

इस पर प्रधानमंत्री ने भारतीय उद्यमिता की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की कीमतें प्रतिस्पर्धी हैं और प्रतिभा के मामले में देश का कोई मुकाबला नहीं है। उन्होंने कहा कि भारतीयों में जोखिम उठाने की क्षमता भी अधिक है। इन खूबियों के कारण भारत वैश्विक अंतरिक्ष क्षेत्र में तेजी से अपनी मजबूत जगह बना सकता है।

एक अन्य युवा नेतृत्वकर्ता ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए अवसर खुलने के बाद बदलाव दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि यूरोप और अमेरिका में काम कर रहे कई भारतीय भी अब भारत लौटकर देश के अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़ना चाहते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को दुनिया भर की प्रतिभाओं को भारत से जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऐसा माहौल तैयार किया जाना चाहिए कि अंतरिक्ष क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाली प्रतिभाओं को लगे कि उन्हें भारत आना चाहिए और यहां के किसी स्टार्टअप या अंतरिक्ष एजेंसी के साथ काम करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि दुनिया भर की प्रतिभाओं को आकर्षित करने की क्षमता भारत के अंतरिक्ष स्टार्टअप्स में है। यदि देश वैश्विक प्रतिभा को अपनी ओर खींचने में सफल होता है तो यह भारत की बड़ी ताकत बन सकती है।

भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र ने पिछले कुछ वर्षों में तेजी से प्रगति की है। निजी कंपनियां उपग्रह, प्रक्षेपण यान और विभिन्न अंतरिक्ष तकनीकों के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। अग्निकुल कॉसमॉस, स्काईरूट एयरोस्पेस और पिक्सल जैसी कंपनियों की गतिविधियों से भारत की निजी अंतरिक्ष क्षमता को मजबूती मिली है। इससे देश में अंतरिक्ष क्षेत्र में नवाचार, निवेश और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ावा मिल रहा है।

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