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Monday, August 24, 2026

सावन की अंतिम सोमवारी पर बासुकीनाथ में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

दुमका। सावन माह की अंतिम सोमवारी पर प्रसिद्ध फौजदारी दरबार बाबा बासुकीनाथ धाम में बाबा भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए सोमवार सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बासुकीनाथ पहुंचे हैं। बोल बम के जयघोष के बीच कांवरिया बाबा को जल अर्पित कर रहे हैं। वहीं, भागलपुर के बरारी घाट से गंगाजल लेकर हंसडीहा के रास्ते पहुंचने वाले डाक बम श्रद्धालुओं की भी बड़ी संख्या मंदिर में जलार्पण कर रही है।

सावन की अंतिम सोमवारी पर संभावित भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस पहले से ही मुस्तैद है। मंदिर परिसर, प्रवेश और निकास द्वार समेत मेला क्षेत्र के महत्वपूर्ण स्थानों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जा रही है।

सुबह तीन बजे मंदिर का पट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से मंदिर में प्रवेश कराया जा रहा है। श्रद्धालु अरघा के माध्यम से बाबा बासुकीनाथ को गंगाजल अर्पित कर जलाभिषेक कर रहे हैं। मंदिर परिसर में हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।

हंसडीहा के रास्ते बासुकीनाथ पहुंचने वाले डाक बम श्रद्धालुओं के लिए भी प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्था की गई है। टोकन प्राप्त करने वाले डाक बम श्रद्धालुओं को पेड़ा गली द्वार से सीधे मंदिर में प्रवेश कराया जा रहा है, ताकि उन्हें सामान्य कतार में अधिक समय न लगे और जलार्पण की प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके।

बासुकीनाथ धाम में झारखंड के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु पहुंचे हैं। सावन की अंतिम सोमवारी पर बाबा का जलाभिषेक करने को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। कांवड़ियों के जत्थे लगातार मंदिर की ओर बढ़ रहे हैं और पूरे धाम में धार्मिक उत्साह का माहौल बना हुआ है।

प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भीड़ को नियंत्रित करने, मंदिर में प्रवेश और निकास को व्यवस्थित रखने तथा मेला क्षेत्र में किसी भी तरह की अव्यवस्था रोकने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं।

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