31 C
Kolkata
Monday, August 24, 2026

रिम्स के बेसमेंट में जमा पानी बना मच्छरों का ठिकाना, मरीजों पर बढ़ा खतरा

रांची। मानसून के बीच डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और जापानी इंसेफेलाइटिस जैसी मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ा हुआ है। ऐसे समय में राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स के बेसमेंट में महीनों से जमा पानी चिंता का कारण बन गया है। बेसमेंट में जमा बारिश और नाली के पानी में डेंगू और मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के लार्वा पनपते पाए गए हैं। अस्पताल परिसर में इलाज के लिए आने वाले गंभीर मरीजों और उनके परिजनों के बीच संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका से व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

रिम्स के सबसे निचले बेसमेंट में लंबे समय से पानी जमा है। बताया गया कि बारिश और नाली का पानी यहां एकत्र होने के कारण मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल स्थिति बन गई है। जमा पानी में लार्वा दिखाई देने के बाद अस्पताल परिसर में मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर चिंता बढ़ गई है। खासकर ऐसे मरीज जो पहले से किसी गंभीर बीमारी का इलाज करा रहे हैं, उनके लिए मच्छरों से होने वाला संक्रमण अतिरिक्त परेशानी का कारण बन सकता है।

बेसमेंट में पानी जमा होने और मच्छरों के लार्वा पाए जाने को लेकर रिम्स निदेशक डॉ. डीके सिन्हा ने बताया कि एक्सटेंडेड मेडिसिन वार्ड में भारी बारिश के कारण पानी जमा हो गया था। पानी की निकासी के लिए मोटे पाइप लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि रिम्स परिसर में कई निर्माण कार्य चल रहे हैं, जिसके कारण छत का पानी नीचे जमा होने की समस्या सामने आई थी। अब पानी की निकासी के लिए व्यवस्था की जा रही है।

निदेशक ने कहा कि बेसमेंट में पानी जमा होने की समस्या नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से चली आ रही है। वहां संचालित फिजियोथेरेपी सेंटर को भी दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डेंगू आइसोलेशन वार्ड में पानी का जमाव नहीं है। बेसमेंट में जमा पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भवन निर्माण विभाग को आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा गया है।

फिलहाल मच्छरों के लार्वा को खत्म करने के लिए बेसमेंट में जमा पानी में एंटी-लार्वल दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि वेक्टर जनित बीमारियों का प्रकोप मानसून के दौरान बढ़ जाता है। इसे देखते हुए रिम्स में मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया और जापानी इंसेफेलाइटिस के मरीजों के इलाज की व्यवस्था उपलब्ध है।

रिम्स निदेशक ने लोगों से मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने और अपने आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील की है। हालांकि, अस्पताल जैसे संवेदनशील परिसर में लंबे समय से पानी जमा रहने और उसमें मच्छरों के लार्वा पनपने की स्थिति ने साफ-सफाई और जल निकासी की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थायी जल निकासी व्यवस्था होने तक बेसमेंट में जमा पानी की नियमित निगरानी और एंटी-लार्वल कार्रवाई जरूरी मानी जा रही है।

Related Articles

नवीनतम लेख