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Friday, June 12, 2026

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की हाई-लेवल मीटिंग: अवैध माइनिंग पर कड़ा प्रहार

रांची । झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) में खान एवं भू-तत्व तथा भवन निर्माण विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने दोनों विभागों द्वारा संचालित विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं, बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं तथा लंबे समय से लंबित कार्यों की बिंदुवार प्रगति का विस्तृत आकलन किया। सीएम ने राज्य में अवैध खनन और बालू के अवैध उठाव पर हर हाल में पूर्ण प्रतिबंध लगाने का कड़ा निर्देश देते हुए कहा कि इससे न केवल राज्य को भारी राजस्व की हानि होती है, बल्कि यह पर्यावरण और कानून-व्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती है। उन्होंने विभागीय समन्वय, नियमित मैपिंग और सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।

बंद पड़ी खदानों पर सरकार सख्त, गोल्ड माइनिंग और स्वर्ण उत्पादन बढ़ाने पर जोर

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में संचालित बीसीसीएल, सीसीएल एवं ईसीएल की बंद पड़ी खदानों को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन खदानों में उत्पादन बंद है, वहां तत्काल उत्पादन पुनः प्रारंभ कराया जाए, अन्यथा उनकी लीज निरस्त करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाए। जिन खनिज ब्लॉकों का ऑक्शन होने के बाद भी वहां काम शुरू नहीं हुआ है, उन्हें कैंसिल कर दोबारा ऑक्शन किया जाएगा। इसके साथ ही, राज्य की 7 गोल्ड माइंस की समीक्षा करते हुए सीएम ने वर्तमान में हो रहे 20 किलोग्राम वार्षिक स्वर्ण उत्पादन को तकनीकी उन्नयन और वैज्ञानिक प्रबंधन के जरिए कई गुना बढ़ाने तथा नए संभावित स्वर्ण भंडारों के शीघ्र ऑक्शन की प्रक्रिया को तेज करने का निर्देश दिया।

जेएसएमडीसी और जेएमईसीएल के लिए आरक्षित होंगे खनिज क्षेत्र, खाली पदों पर होगी नियुक्ति

मुख्यमंत्री ने झारखंड राज्य खनिज विकास निगम लिमिटेड (JSMDC) एवं झारखंड माइनिंग एंड एक्सप्लोरेशन कंपनी लिमिटेड (JMECL) को वित्तीय रूप से और सुदृढ़ बनाने के लिए अधिकाधिक खनिज क्षेत्र आरक्षित करने का निर्देश दिया, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें। उन्होंने जेएमईसीएल में रिक्त पड़े विभिन्न पदों पर शीघ्र बहाली करने तथा दोनों संस्थाओं के कामकाज को पारदर्शी बनाने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार करने को कहा। इसके अलावा, इमराल्ड (पन्ना) हेतु चिन्हित खनिज ब्लॉकों को सरकारी उपक्रमों के लिए सुरक्षित रखने के उद्देश्य से भारत सरकार को प्रस्ताव भेजने हेतु राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की स्वीकृति जल्द प्राप्त करने का निर्देश दिया गया।

बालू घाटों का संचालन तेज करने और हॉस्टलों में कोयला आपूर्ति की व्यवहारिक योजना बनाने के निर्देश

राज्य के कुल 820 बालू घाटों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 376 कैटेगरी-1 घाटों पर पंचायतों के माध्यम से उठाव जारी है, जबकि 444 कैटेगरी-2 घाटों में से 300 का ऑक्शन पूरा हो चुका है। उन्होंने ऑक्शन किए गए घाटों से शीघ्र बालू उठाव प्रारंभ कराने और मशीनों से उठाव पर रोक संबंधी आदेश की कानूनी समीक्षा करने के निर्देश दिए। एक अनोखी पहल के तहत, मुख्यमंत्री ने एलपीजी की किल्लत को देखते हुए राज्य के सभी सरकारी और आवासीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के हॉस्टलों की मैपिंग कर वहां वैकल्पिक ऊर्जा के रूप में सुचारू कोयला आपूर्ति शुरू करने के लिए एक व्यवहारिक योजना बनाने का निर्देश दिया, ताकि विद्यार्थियों को भोजन व अन्य कार्यों में कोई असुविधा न हो।

भवन निर्माण विभाग की समीक्षा: समयसीमा और गुणवत्ता से समझौता नहीं

बैठक के अंतिम चरण में भवन निर्माण विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में बन रहे सभी सरकारी भवनों, कार्यालय परिसरों, आवासीय भवनों, शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आधुनिक एवं टिकाऊ निर्माण तकनीकों को अपनाया जाए और परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग के लिए कड़ा तकनीकी निरीक्षण किया जाए। इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव अरवा राजकमल, खान निदेशक राहुल कुमार सिन्हा सहित कई अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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