कोलकाता | पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत निर्वाचन आयोग शनिवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने जा रहा है। साल 2002 के बाद राज्य में यह अपनी तरह का पहला सबसे बड़ा ‘क्लीनअप’ अभियान है, जिसे चुनाव से पहले डेटा की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।
मतदाता सूची में क्या बदला?
भारी कटौती: 16 दिसंबर को जारी ड्राफ्ट रोल के अनुसार, मतदाताओं की कुल संख्या 7.66 करोड़ से घटकर 7.08 करोड़ हो गई है।
हटाए गए नाम: लगभग 58 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। इसका मुख्य कारण मृत्यु, पलायन (Migration), दोहराव (Duplication) या पते की पुष्टि न होना बताया गया है।
सख्त स्क्रूटनी: दूसरे चरण में 1.67 करोड़ मतदाताओं के डेटा की गहन जांच हुई। इसमें से 1.36 करोड़ नामों में ‘तार्किक विसंगतियां’ (Logical Errors) पाई गईं, जबकि 31 लाख नामों में मैपिंग की कमी थी।
वोटर लिस्ट की श्रेणियां
अपडेटेड लिस्ट में नामों को तीन प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है:
Approved (स्वीकृत): वे नाम जो पूरी तरह सही पाए गए हैं।
Deleted (हटाए गए): अयोग्य पाए गए नाम।
Under Adjudication (विचाराधीन): लगभग 60 लाख मतदाता अभी भी जांच के दायरे में हैं। इनका फैसला आने वाले ‘सप्लीमेंट्री रोल्स’ के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
कैसे चेक करें अपना नाम?
मतदाता अपनी स्थिति (Status) ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से देख सकते हैं:
पोर्टल: [suspicious link removed] और ceowestbengal.wb.gov.in
ऐप: ECI Net App
ऑफलाइन: जिला/सब-डिवीजनल कार्यालय और स्थानीय पोलिंग बूथ।
आयोग का बयान: निर्वाचन आयोग के अनुसार, यह एक ‘कानूनी सफाई’ (Legal Cleanup) है जो चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आवश्यक है।


