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Saturday, April 18, 2026

विष्णुगढ़ हत्याकांड का पर्दाफाश: अंधविश्वास में मां ही निकली बेटी की कातिल, तांत्रिक समेत 3 गिरफ्तार

हजारीबाग/रांची | झारखंड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुंभा गांव में हुई 12 साल की बच्ची की नृशंस हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। दिल दहला देने वाले इस मामले में पुलिस ने खुलासा किया है कि बच्ची की जान किसी और ने नहीं, बल्कि उसकी अपनी मां ने अंधविश्वास के फेर में आकर ली। पुलिस ने इस मामले में बच्ची की मां रेशमी देवी, तांत्रिक ‘भगतिन’ शांति देवी और सहयोगी भीम राम (उर्फ भोला राम) को गिरफ्तार कर लिया है।

बीमार बेटे को ठीक करने के लिए दी ‘नरबलि’
पुलिस जांच के अनुसार, बच्ची की मां रेशमी देवी का बेटा शारीरिक और मानसिक रूप से काफी कमजोर है। उसे ठीक करने के लिए वह तांत्रिक शांति देवी के संपर्क में आई। तांत्रिक ने बेटे की सलामती के बदले ‘बलि’ का झांसा दिया। जब पूरा गांव अष्टमी की रात दुर्गा पूजा के उत्सव में डूबा था, तब घर के भीतर ही इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया। मां ने तांत्रिक के निर्देशों पर अपने सहयोगी भीम राम के साथ मिलकर अपनी ही बेटी की हत्या कर दी।

भटकाने की कोशिश, पोस्टमार्टम में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं
वारदात के बाद आरोपियों ने मामले को अलग रंग देने और पुलिस को गुमराह करने की पूरी कोशिश की। हत्या के बाद शव को बगीचे में फेंक दिया गया था ताकि यह किसी बाहरी व्यक्ति की करतूत लगे। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के साथ दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है, जिससे यह साफ हो गया कि हत्या का मुख्य उद्देश्य तंत्र-मंत्र ही था। आरोपी भीम राम का आपराधिक इतिहास रहा है; उस पर पहले भी अपनी भाभी और एक अन्य व्यक्ति की हत्या का आरोप है।

DGP की समीक्षा के बाद SIT ने किया खुलासा
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए झारखंड की डीजीपी तादाशा मिश्रा ने स्वयं हजारीबाग पहुंचकर अनुसंधान की समीक्षा की थी। हजारीबाग एसपी अंजनी अंजन की देखरेख में 26 मार्च को एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। आईपीएस नागरगोजे शुभम भाउसाहेब के नेतृत्व में बनी इस टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और गहन पूछताछ के आधार पर महज कुछ ही दिनों में घटना का पर्दाफाश कर दिया।

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