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Friday, July 17, 2026

वन महोत्सव केवल अभियान नहीं, जीवनशैली बने : डॉ मीनाक्षी

पश्चिमी सिंहभूम । महिला कॉलेज चाईबासा की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) बीएड इकाई की ओर से 01 से 07 जुलाई तक आयोजित वन महोत्सव का समापन मंगलवार को पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता के संदेश के साथ हुआ।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ मीनाक्षी मुंडा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की जरूरत है।

उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपने प्रत्येक जन्मदिन पर अपनी आयु के बराबर पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लें।

उनका कहना था कि केवल पौधारोपण ही नहीं, बल्कि पौधों की नियमित देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है, तभी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरित वातावरण मिल सकेगा।

कार्यक्रम की शुरुआत मुबारक करीम हाशमी ने अतिथियों, प्राध्यापकों एवं छात्राओं के स्वागत के साथ की। इसके बाद कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ अर्पित सुमन ने वन महोत्सव सप्ताह के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि पूरे सप्ताह पौधारोपण, पर्यावरण जागरूकता अभियान और प्रकृति संरक्षण से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ अंजना खलखो ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करना भी सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वृक्षों के संरक्षण से ही पर्यावरण संतुलन बनाए रखा जा सकता है और सतत विकास का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

समापन समारोह के दौरान छात्राओं एवं प्राध्यापकों के लिए पौधा पहचानो प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विभिन्न पौधों के चित्रों के माध्यम से उनकी पहचान कराई गई, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप पौधे भेंट किए गए।

कार्यक्रम में विकास मिश्रा, डॉ सुचिता बाड़ा, डॉ पुष्पा कुमारी, धनंजय कुमार, सितेंद्र रंजन सिंह, मदन मोहन मिश्रा, उमा शंकर सहित बीएड सेमेस्टर-1 की छात्राएं उपस्थित थीं।

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