रांची। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) इंडिया की चीफ, फील्ड सर्विसेज सोलेदाद हेरेरो ने अपने झारखंड दौरे के क्रम में बुधवार को रांची के रातू स्थित झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय का भ्रमण किया। इस अवसर पर उन्होंने छात्राओं, शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन से संवाद कर वहां संचालित शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों का अवलोकन किया। भ्रमण के दौरान हेरेरो ने छात्राओं से सीधे बातचीत कर उनके सीखने के अनुभव, भविष्य की आकांक्षाओं और करियर योजनाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विद्यालय में उपलब्ध सुरक्षित, समावेशी और प्रेरणादायक वातावरण की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आवासीय विद्यालय बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और जीवन कौशल विकसित करने का सशक्त मंच प्रदान कर रहे हैं।
अपने अनुभव साझा करते हुए सोलेदाद हेरेरो ने कहा कि विद्यालय की छात्राओं में उत्साह, आत्मविश्वास और सीखने के प्रति जिज्ञासा अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि जब बालिकाओं को सुरक्षित और सहयोगी वातावरण मिलता है, तो वे असाधारण उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं। यूनिसेफ झारखंड सरकार के साथ मिलकर बालिकाओं के सशक्तिकरण और उनके सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड सरकार द्वारा बालिका शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं और यह मॉडल अन्य राज्यों एवं क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है। विद्यालय प्रशासन ने यूनिसेफ के निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। यह दौरा यूनिसेफ और झारखंड सरकार के बीच मजबूत साझेदारी को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक बालिका को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और बेहतर भविष्य के अवसर उपलब्ध कराना है।


