गोड्डा। जितपुर खनन परियोजना के सतत कौशल विकास और आजीविका संवर्धन प्रयासों को बड़ी सफलता मिली है। परियोजना के सहयोग से सुंदरपहाड़ी प्रखंड के तीन युवाओं का राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस) के तहत तीन वर्षीय मेकाट्रॉनिक्स डिप्लोमा कार्यक्रम के लिए चयन हुआ है।
चयनित युवाओं में अंकित हेंब्रम (ग्राम- पहाड़पुर), भगत मुर्मू (ग्राम- जितपुर) और सिकंदर मरांडी (ग्राम- पहाड़पुर) शामिल हैं। तीनों को टाटा मोटर्स के प्रशिक्षण संस्थान में अत्याधुनिक तकनीकी शिक्षा और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त होगा। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें मासिक स्टाइपेंड भी मिलेगा, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के साथ औद्योगिक तकनीकों का अनुभव भी हासिल करेंगे।
टाटा मोटर्स संस्थान में मिलेगा उद्योग आधारित प्रशिक्षण
तीन वर्षीय इस उद्योग आधारित डिप्लोमा कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को मेकाट्रॉनिक्स का आधुनिक तकनीकी ज्ञान, व्यावहारिक प्रशिक्षण और औद्योगिक अनुभव मिलेगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उनके लिए देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल और विनिर्माण कंपनियों में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।
मार्गदर्शन और काउंसिलिंग से मिली सफलता
इस उपलब्धि के पीछे जितपुर खनन परियोजना की ओर से किए गए सतत मार्गदर्शन, काउंसिलिंग और मेंटरिंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। परियोजना प्रमुख रितेश तिवारी के मार्गदर्शन में सीएसआर टीम ने युवाओं की पहचान से लेकर प्रवेश परीक्षा की तैयारी तक हर स्तर पर सहयोग किया। विशेष रूप से सीएसआर विभाग की सरबजीत कौर ने अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग, परीक्षा की तैयारी और उनका आत्मविश्वास बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
परियोजना प्रभावित परिवारों के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में यह उपलब्धि महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जितपुर खनन परियोजना क्षेत्र में रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण, जॉब-लिंक्ड कौशल विकास, विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विकास, स्वास्थ्य जांच शिविर, पेयजल एवं स्वच्छता सुविधाओं का विस्तार, महिला सशक्तिकरण, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहन तथा ग्रामीण आधारभूत संरचना के विकास जैसे कई जनकल्याणकारी कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।
