33.8 C
Kolkata
Tuesday, March 3, 2026

प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप व्यापारियों को सशक्त बनाने वाला हो केंद्रीय बजट: कैट

नई दिल्‍ली। कारोबारी संगठन कॉन्‍फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने कहा कि आने वाला केंद्रीय बजट 2026-27 प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप व्यापारियों को सशक्त बनाने वाला होना चाहिए। कैट ने मंगलवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को देशभर के व्यापारिक समुदाय की ओर से व्यापक एवं दूरदर्शी सुझाव प्रेषित किए हैं। कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं चांदनी चौक के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त, पारदर्शी और आत्मनिर्भर भारत के विज़न के अनुरूप कैट ने वित्‍त मंत्री सीतारमण को ऐसे सुझाव दिए हैं, जो व्यापार को सम्मान, सरलता, सुरक्षा और समान अवसर प्रदान करते हैं। खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार द्वारा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, वोकल फॉर लोकल, लोकल फॉर ग्लोबल, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने देश के व्यापारिक वातावरण को नई दिशा दी है। अब जरूरत है कि आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 में इन पहलों को और मजबूत किया जाए।
उन्होंने बताया कि कैट द्वारा दिए गए प्रमुख सुझावों में ट्रस्ट आधारित व्यापार व्यवस्था के तहत छोटे व्यापारियों के लिए सिंगल विंडो कंप्लायंस सिस्टम, अनावश्यक नोटिस एवं निरीक्षण पर रोक तथा व्यापारिक कानूनों के डिक्रिमिनलाइज़ेशन को तेजी से लागू करने की मांग की गई है। इसके साथ ही पार्टिसिपेटरी गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक जिले में अधिकारियों एवं व्यापारियों की संयुक्त समिति गठित करने का सुझाव दिया गया है, जिससे व्यापारिक समस्याओं का समाधान जिला स्तर पर ही हो सके।
खंडेलवाल ने कहा क‍ि कैट ने वन नेशन –वन लाइसेंस–वन रजिस्ट्रेशन की अवधारणा को लागू करने, सभी व्यापारिक लाइसेंसों को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म से जारी करने तथा ऑटो-रिन्यूअल की व्यवस्था करने का भी आग्रह किया है। उन्‍होंने कहा क‍ि प्रधानमंत्री मोदी के डिजिटल इंडिया विज़न को आगे बढ़ाते हुए कैट ने पारंपरिक व्यापार को आधुनिक बनाने के लिए टेक्नोलॉजी एडॉप्शन इंसेंटिव स्कीम, व्यापार को डिजिटल करने वाले उपकरणों पर सब्सिडी एवं टैक्स छूट तथा डिजिटल दुकान मिशन शुरू करने की सिफारिश की गई है।
खंडेलवाल ने कहा कि ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स में भारी डिस्काउंटिंग, प्रीडेटरी प्राइसिंग और विदेशी फंडिंग से होने वाली अनुचित प्रतिस्पर्धा पर तत्काल नियंत्रण आवश्यक है। इसके लिए वाणिज्य मंत्रालय से हर ई-कॉमर्स एवं क्विक कॉमर्स कंपनी को अनिवार्य पंजीकरण, समान नियम, कड़ी निगरानी तथा फेयर ट्रेड कोड लागू करने का सुझाव दिया गया है, ताकि छोटे रिटेलर्स के हित सुरक्षित रह सकें। कैट ने ईमानदार टैक्सपेयर्स को प्रोत्साहन देने के लिए टैक्सपेयर रेटिंग सिस्टम, कम स्क्रूटनी, फास्ट ट्रैक रिफंड और सस्ते ऋण की सुविधा देने की भी मांग की है।
उन्होंने कहा कि “व्यापार भी एक कौशल है”- इस सिद्धांत को अपनाते हुए व्यापारियों और उनके कर्मचारियों के लिए नेशनल ट्रेडर्स स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू किया जाना चाहिए, जिसमें डिजिटल स्किल्स, अकाउंटिंग, साइबर सिक्योरिटी और कस्टमर मैनेजमेंट शामिल हों। उन्‍होंने बताया कि कैट ने छोटे व्यापारियों के लिए पेंशन व बीमा सुरक्षा को मजबूत करने, व्यापारी पेंशन योजना को व्यावहारिक बनाने तथा पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई और पीएम-एसवाईएम जैसी योजनाओं को और सुदृढ़ करने का आग्रह किया है।

खंडेलवाल ने तेज़ी से बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि व्यापारियों की सुरक्षा के लिए साइबर फ्रॉड प्रोटेक्शन फंड, त्वरित मुआवज़ा व्यवस्था, सख्त डेटा प्रोटेक्शन कानून और बैंकिंग तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर डेटा दुरुपयोग पर रोक अत्यंत आवश्यक है। इसके अलावा, “हर व्यापारी तक सरकारी योजना” अभियान चलाकर व्यापारिक संगठनों के माध्यम से योजनाओं की जानकारी, सरल गाइडबुक, ऐप और हेल्पलाइन उपलब्ध कराने का सुझाव भी दिया गया है।
उन्‍होंने बताया कि कैट ने एमएसएमई और छोटे व्यापारियों के लिए डेडिकेटेड ट्रेड फाइनेंस पालिसी समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानून, बाजारों के आधुनिकीकरण, वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, लॉजिस्टिक्स पार्क और स्मार्ट मार्केट्स विकसित करने की भी सिफारिश की है। खंडेलवाल ने कहा, “व्यापारिक समुदाय देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में यदि व्यापारियों को सम्मान, सुरक्षा, सरलता और समान अवसर मिलते हैं, तो भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था और विकसित भारत @2047 बनने से कोई नहीं रोक सकता।”

Related Articles

Stay Connected

0FansLike
3,851FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles