- आगामी सरहुल पर्व के मद्देनजर सरना स्थलों का निरीक्षण
- सिरम टोली एवं हातमा सरना स्थलों की व्यवस्थाओं का लिया गया जायजा
- श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम आवागमन पर विशेष ध्यान
- सुरक्षा के होंगे पुख्ता इंतजाम, सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश
- सरहुल झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति एवं परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व : उपायुक्त
आगामी सरहुल पर्व को शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं भव्य तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से रविवार को उपायुक्त एवं वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा शहर के प्रमुख सिरम टोली एवं हातमा स्थित सरना स्थलों का संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दोनों वरीय पदाधिकारियों ने सरना स्थलों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा सरना समितियों के प्रतिनिधियों से विस्तृत बातचीत कर आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) प्रवीण पुष्कर, पुलिस अधीक्षक (यातायात) राकेश सिंह, अपर जिला दंडाधिकारी (विधि व्यवस्था) आरएन आलोक, अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) कुमार रजत, उप समाहर्ता जिला नजारत सुदेश कुमार सहित अन्य संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे।

सिरम टोली एवं हातमा सरना स्थलों की व्यवस्थाओं का लिया गया जायजा : निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने सरना स्थलों के प्रवेश मार्ग, पूजा स्थल, श्रद्धालुओं के आवागमन के रास्ते, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, पार्किंग तथा सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की।
सरना समितियों के सदस्यों ने प्रशासन को अवगत कराया कि सरहुल पर्व के अवसर पर श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या सरना स्थलों पर पहुंचती है, इसलिए लाइटिंग, सड़क समतलीकरण, पेयजल व्यवस्था, जेनरेटर, मोबाइल टॉयलेट, बैरिकेडिंग तथा साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था आवश्यक है।
इस पर उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सरना स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं।

सरहुल पर्व के सफल आयोजन में जिला प्रशासन देगा हरसंभव सहयोग : उपायुक्त ने कहा कि सरहुल झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति एवं परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है और इसे श्रद्धा, उत्साह एवं सामाजिक सौहार्द के साथ मनाया जाता है। जिला प्रशासन का प्रयास रहेगा कि यह पर्व पूरी शांति, सुरक्षा और गरिमा के साथ संपन्न हो। उन्होंने कहा कि सरना समितियों के सुझावों के आधार पर सरना स्थलों पर आवश्यक सुविधाओं की विस्तृत योजना तैयार कर ली गई है तथा संबंधित पदाधिकारियों को समन्वय स्थापित कर सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य है कि सरना स्थलों पर आने वाले श्रद्धालु सुगमता और सुरक्षित वातावरण में पूजा-अर्चना कर सकें तथा पूजा के उपरांत बिना किसी परेशानी के अपने घरों के लिए प्रस्थान कर सकें। इसके लिए आवागमन, सुरक्षा, साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम आवागमन पर विशेष ध्यान : उपायुक्त ने कहा कि सरहुल पर्व के अवसर पर श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, मोबाइल शौचालय, चिकित्सा सहायता, साफ-सफाई एवं ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर विशेष व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि सरहुल पूजा से जुड़ी सभी तैयारियां समय से पहले पूर्ण कर ली जाएं और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
सुरक्षा व्यवस्था के होंगे पुख्ता इंतजाम : इस अवसर पर वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सरहुल पर्व के दौरान सुरक्षा के दृष्टिकोण से पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। प्रमुख सरना स्थलों एवं जुलूस मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे तथा ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि पर तुरंत नियंत्रण किया जा सके। उन्होंने बताया कि ट्रैफिक प्रबंधन के लिए विशेष योजना तैयार की जा रही है, जिसके तहत आवश्यकतानुसार कुछ मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन किया जाएगा। इस संबंध में आम नागरिकों को पूर्व में ही मीडिया के माध्यम से सूचित किया जाएगा, ताकि लोगों को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे सरहुल पर्व को आपसी भाईचारे, अनुशासन और परंपरागत गरिमा के साथ मनाएं तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन कर शांतिपूर्ण आयोजन में सहयोग करें।


