राजधानी के नामकुम थाना में पुलिस हाजत में अभियुक्त के आत्महत्या के मामले में रांची एसएसपी राकेश रंजन ने शुरू कर दी है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए इस केस का जिम्मा बुंडू थानेदार इंस्पेक्टर रामकुमार वर्मा को सौंपी गई है। मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए मामले की पूरी जांच जारी है। जांच में यह देखा जाएगा कि थाना हाजत में गिरफ़्तार अभियुक्त की सुरक्षा और निगरानी में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार अभियुक्त जगाई मुंडा पर इल्जाम है कि उसने बदले की भावना से एक नाबालिग लड़के का अपहरण किया था। इसी मामले में उसे गिरफ्तार कर नामकुम थाना की हाजत में रखा गया था, जहां उसकी मौत हो गई। हाजत में बंद अभियुक्त की सुरक्षा और निगरानी में लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है।
एएसआई प्रभुवन कुमार, हवलदार सुधीर शर्मा, हवलदार गयानंद, आरक्षी मुकेश ठाकुर, आरक्षी राहुल प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में थानेदार के खिलाफ भी अनुशासनिक कार्रवाई की जायेगी। वरीय पुलिस अधीक्षक रांची के द्वारा दूसरे क्षेत्र के पुलिस निरीक्षक को जाँच का जिम्मा सौंपा गया है तथा थाना हाजत में गिरफ़्तार अभियुक्त की सुरक्षा एवं निगरानी में लापरवाही बरतने वाले पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।


