मुंबई । रिलायंस इंडस्ट्रीज का जामनगर (गुजरात) स्थित महत्वाकांक्षी ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट अब धरातल पर उतरने लगा है। कंपनी ने अपनी ताजा वार्षिक रिपोर्ट में घोषणा की है कि उसके ‘धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स’ से हाई-एफिशिएंसी (उच्च क्षमता वाले) सोलर मॉड्यूल की पहली 200 मेगावाट की खेप सफलतापूर्वक डिलिवर कर दी गई है। करीब 5000 एकड़ में फैले इस विशाल कॉम्प्लेक्स के जरिए कंपनी अब चरणबद्ध तरीके से उत्पादन बढ़ाते हुए सालाना 10 गीगावाट क्षमता हासिल करने की दिशा में काम कर रही है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 20 गीगावाट तक ले जाने की योजना है।
नए सोलर मॉड्यूल से 10% ज्यादा बिजली उत्पादन का दावा
रिलायंस के मुताबिक, इस गीगा कॉम्प्लेक्स में तैयार हो रहे नए सोलर मॉड्यूल तकनीकी रूप से बेहद उन्नत हैं। मौजूदा पैनलों की तुलना में इनसे करीब 10 प्रतिशत ज्यादा बिजली का उत्पादन होगा। इसके साथ ही इन पैनलों की कार्यक्षमता घटने की रफ्तार भी आम पैनलों से लगभग 25 प्रतिशत कम रहेगी, जिससे लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन और निरंतर बिजली उत्पादन सुनिश्चित हो सकेगा। इसके अलावा, इसी परिसर में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) फैक्टरी का निर्माण भी अंतिम चरण में है, जहां शुरुआती दौर में सालाना 40 गीगावाट घंटे क्षमता विकसित होगी, जिसका उपयोग बड़े बिजली प्रोजेक्ट्स और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (EV) सेक्टर में किया जाएगा।
कच्छ में 5.5 लाख एकड़ का रिन्युएबल हब और ₹75,000 करोड़ का निवेश
कंपनी गुजरात के ही कच्छ क्षेत्र में 5.5 लाख एकड़ के विशाल भूभाग पर एक रिन्युएबल एनर्जी हब भी विकसित कर रही है, जहां बड़े पैमाने पर ये सोलर मॉड्यूल और बैटरी स्टोरेज सिस्टम इंस्टॉल किए जाएंगे। रिलायंस का दावा है कि आने वाले वर्षों में यह प्लेटफॉर्म भारत की कुल बिजली आवश्यकता का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा अकेले पूरा करने की क्षमता रखेगा। स्वच्छ ऊर्जा (क्लीन एनर्जी) क्षेत्र के लिए घोषित ₹75,000 करोड़ के कुल निवेश के तहत इस पूरे प्लेटफॉर्म को तैयार किया जा रहा है, जिससे ग्रीन हाइड्रोजन और बायो-एनर्जी कारोबार को गति मिलने के साथ-साथ भविष्य में दो लाख से अधिक ‘ग्रीन जॉब्स’ (रोजगार) पैदा होने की संभावना है।
