नई दिल्ली। स्वराज, स्वदेशी और स्वावलंबन के प्रणेता तथा आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानंद सरस्वती की जयंती पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति, केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों सहित देश के शीर्ष नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया पर अपने एक्स संदेश में कहा कि महान संत एवं समाज-सुधारक स्वामी दयानंद सरस्वती ने प्राचीन भारतीय संस्कृति और अध्यात्म के तर्कसंगत स्वरूप का प्रसार करते हुए समाज और शिक्षा पद्धति को अमूल्य दिशा दी। उन्होंने कहा कि स्वामी द्वारा स्थापित आध्यात्मिक एवं शैक्षणिक संस्थान आज भी देश को लाभान्वित कर रहे हैं। राष्ट्रपति ने देशवासियों से उनके दिखाए मार्ग पर चलकर भारत को विश्व पटल पर अग्रणी राष्ट्र बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आर्य समाज के प्रवर्तक महर्षि दयानंद को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने अंधविश्वास, आडंबर और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आजीवन संघर्ष किया। शिक्षा के प्रसार, नारी सशक्तिकरण और भारतीय संस्कृति के संरक्षण में उनका योगदान राष्ट्र को नई वैचारिक दिशा देने वाला रहा है।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि महर्षि दयानंद ने ‘सत्यार्थ प्रकाश’ के माध्यम से वैदिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाया और समाज को कुरीतियों के त्याग तथा स्त्री शिक्षा के लिए प्रेरित किया। सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने उन्हें प्रखर सुधारवादी विचारक बताते हुए श्रद्धांजलि दी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि स्वामी दयानंद ने वैदिक ज्ञान और भारतीय संस्कृति की मूल भावना को पुनर्जीवित करते हुए समाज को अज्ञान और कुरीतियों से मुक्त करने का आह्वान किया। शिक्षा और सामाजिक समानता के लिए उनका संघर्ष राष्ट्र जागरण की आधारशिला बना।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने दयानंद सरस्वती को नमन करते हुए ‘वेदों की ओर लौटो’उनके आह्वान को सांस्कृतिक जागरण की नई धारा बताया। शिक्षा, स्वावलंबन और सामाजिक समरसता के प्रति उनकी दृष्टि आज भी संतुलित और प्रगतिशील समाज निर्माण के लिए प्रेरक है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि समाज में फैली कुरीतियों और अंधविश्वासों के विरुद्ध ज्ञान का दीप प्रज्वलित कर जागरूकता का मार्ग दिखाने वाले महान समाज सुधारक महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती पर उन्हें नमन करती हूं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें वैदिक चेतना के महान उद्घोषक बताते हुए कहा कि उनका जीवन समाज-उत्थान और राष्ट्र-जागरण के कार्यों को समर्पित रहा।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दयानंद सरस्वती की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि उन्होंने समाज में व्याप्त रूढ़ियों और भेदभाव को मिटाकर सत्यनिष्ठ चिंतन, मानवता तथा सामाजिक समरसता की नई राह दिखाई। शिक्षा, स्वराज्य और नारी सशक्तिकरण के प्रति उनके दूरदर्शी विचारों ने राष्ट्र में नई चेतना का संचार किया। उनका आदर्श जीवन और सत्य के प्रति अडिग निष्ठा हम सभी के लिए युगों-युगों तक प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी महर्षि दयानन्द सरस्वती को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि समानता, शिक्षा, जागरूकता और प्रगतिशील विचारों के माध्यम से समतामूलक समाज के निर्माण में उनका अमूल्य योगदान सदैव प्रेरणादायी एवं अविस्मरणीय रहेगा।
असम के मुख्यमंत्री डाॅ. हिमंत बिस्वा सरमा ने भी महर्षि दयानंद के समतामूलक और शिक्षित समाज के निर्माण में योगदान को स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।


