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Monday, July 6, 2026

पोलैंड में यूक्रेन को पैट्रियट मिसाइलों की कथित आपूर्ति पर सियासी घमासान

वारसॉ। यूक्रेन को अमेरिका निर्मित पैट्रियट एयर डिफेंस मिसाइलों की कथित गुप्त आपूर्ति को लेकर पोलैंड की राजनीति में विवाद तेज हो गया है। विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क की सरकार से इस मामले में जवाब मांगा है, जबकि संसद के उपाध्यक्ष क्रिज़िस्तोफ़ बोसाक ने विदेशी देशों को हथियार भेजने के लिए संसदीय मंजूरी अनिवार्य करने की मांग की है।

सरकार से पारदर्शिता की मांग

रूस के सरकारी मीडिया और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, पोलैंड ने मार्च में बिना सार्वजनिक घोषणा और संसद से परामर्श किए अमेरिका निर्मित पैक-3 पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों का एक बैच यूक्रेन को सौंपा था। हालांकि पोलैंड सरकार ने इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

क्रिज़िस्तोफ़ बोसाक ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को देखते हुए ऐसी मिसाइलें पोलैंड के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उनका कहना है कि पैट्रियट प्रणाली ही बाल्टिक क्षेत्र के कलिनिनग्राद में तैनात रूसी इस्कंदर मिसाइलों का प्रभावी मुकाबला करने में सक्षम है। उन्होंने संसद की मंजूरी के बिना किसी भी हथियार की विदेश आपूर्ति पर रोक लगाने के लिए कानून बनाने की मांग की।

पूर्व रक्षा मंत्री ने भी उठाए सवाल

पोलैंड के पूर्व रक्षा मंत्री मारियुस ब्लास्ज़ाक ने भी सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने कहा कि यदि मिसाइलों की आपूर्ति की गई है तो सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इससे पोलैंड की सुरक्षा और भविष्य में अमेरिका से मिलने वाली पैट्रियट मिसाइलों की आपूर्ति पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

बढ़ी वैश्विक मांग से प्रभावित आपूर्ति

विशेषज्ञों का मानना है कि यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के कारण पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की वैश्विक मांग में तेजी आई है। इससे इनकी उपलब्धता प्रभावित हुई है और अमेरिका को यूरोप तथा एशिया के कुछ सहयोगी देशों को तय समय पर मिसाइलों की आपूर्ति करने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

यूक्रेन-पोलैंड संबंधों में बढ़ा तनाव

यूक्रेन युद्ध के दौरान पोलैंड, यूक्रेन के प्रमुख समर्थकों में रहा है, लेकिन हाल के दिनों में दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ा है। यूक्रेन द्वारा एक सैन्य इकाई का नाम यूक्रेनी इंसर्जेंट आर्मी (यूपीए) के नाम पर रखने पर पोलैंड ने आपत्ति जताई है। पोलैंड का आरोप है कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यूपीए पोलिश नागरिकों के खिलाफ हिंसा और जातीय सफाए की घटनाओं में शामिल थी।

इसी सप्ताह पोलैंड ने यह भी स्पष्ट किया कि वह अपने शेष मिग-29 लड़ाकू विमान यूक्रेन को नहीं देगा। साथ ही संकेत दिया कि यदि यूक्रेन विवादित राष्ट्रवादी संगठनों का सम्मान जारी रखता है तो उसके यूरोपीय संघ की सदस्यता प्रयासों पर भी असर पड़ सकता है।

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