रांची | राजधानी रांची के सुखदेवनगर थाना में आज पुलिस और व्यापारियों के बीच एक महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना और व्यवसायियों की सुरक्षा चुनौतियों का समाधान खोजना था।
प्रमुख चर्चाएं एवं पुलिस की रणनीति
बैठक के दौरान थाना प्रभारी सुनील कुशवाहा ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस का पक्ष रखा और व्यापारियों से सहयोग की अपील की:
-
नशाखोरी पर लगाम: पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र में बढ़ती नशाखोरी को अपराध की मुख्य जड़ बताया। थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया कि नशा बेचने और इसका सेवन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
-
सुरक्षा संसाधनों की जानकारी: वर्तमान में क्षेत्र की निगरानी के लिए 1 PCR वैन और 4 टाइगर मोबाइल मुस्तैद हैं। इनके मोबाइल नंबर सार्वजनिक किए गए ताकि आपात स्थिति में व्यापारी सीधे संपर्क कर सकें।
-
तकनीकी निगरानी: अपराध नियंत्रण के लिए संवेदनशील व्यापारिक स्थलों पर CCTV कैमरों का जाल बिछाने और उनकी संख्या बढ़ाने पर सहमति बनी।
चैंबर ऑफ कॉमर्स के महत्वपूर्ण सुझाव
चैंबर के प्रतिनिधियों ने पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई व्यावहारिक सुझाव दिए:
-
जनमैत्री पुलिसिंग: महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि थाने में आम जनता और व्यापारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए, ताकि संवाद में कोई हिचकिचाहट न रहे।
-
गश्ती में तेजी: लॉ एंड ऑर्डर चेयरमैन मुकेश अग्रवाल ने मांग की कि शाम के समय और प्रमुख बाजारों में पुलिस गश्ती (Patrolling) बढ़ाई जाए ताकि असामाजिक तत्वों पर नकेल कसी जा सके।
-
नियमित संवाद: पूर्व अध्यक्ष किशोर मंत्री ने सुझाव दिया कि पुलिस और व्यापारियों के बीच ‘मित्रवत संबंध’ स्थापित करने के लिए समय-समय पर ऐसी बैठकें होती रहनी चाहिए।
निष्कर्ष और भविष्य की योजना
बैठक के अंत में सभी पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि बेहतर Police-Public Coordination ही एक सुरक्षित समाज की नींव है। पुलिस ने व्यापारियों को हर संभव सुरक्षा मुहैया कराने का भरोसा दिया, वहीं व्यापारियों ने कानून व्यवस्था बनाए रखने में पूर्ण सहयोग का संकल्प लिया।
बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित: रोहित अग्रवाल (महासचिव), नवजोत अलंग, रोहित पोद्दार (सह सचिव), मुकेश अग्रवाल, किशोर मंत्री, शशांक भरद्वाज, बिंदुल वर्मा एवं अन्य क्षेत्र के व्यवसायी।

