पलामू। मुहर्रम के दौरान जिले में शांति, सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पलामू जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में गुरुवार को मेदिनीनगर के छहमुहान चौक पर व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस बल की तत्परता, समन्वय क्षमता और आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का आकलन किया गया।
दंगा और भीड़ नियंत्रण का किया गया अभ्यास
मॉक ड्रिल के दौरान संभावित अवैध जमावड़ा, दंगा, बलवा और भीड़ नियंत्रण जैसी परिस्थितियों की कल्पना कर वास्तविक हालात के अनुरूप कार्रवाई का प्रदर्शन किया गया। पुलिस जवानों ने भीड़ को समझाने, चेतावनी देने और आवश्यकता पड़ने पर नियंत्रित करने की प्रक्रिया का अभ्यास किया।
अभ्यास के दौरान दंगारोधी उपकरणों और संसाधनों के प्रभावी उपयोग का भी प्रदर्शन किया गया। अधिकारियों ने विभिन्न परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वित कार्रवाई की तैयारियों की समीक्षा की।
आधुनिक संसाधनों का हुआ उपयोग
मॉक ड्रिल में वाटर कैनन, दंगा नियंत्रण वाहन, दंगारोधी सुरक्षा उपकरण, टीजी गन, स्मोक शेल, चिली ग्रेनेड, एम्बुलेंस सहित अन्य संसाधनों का उपयोग किया गया। इनके माध्यम से उपद्रवियों को नियंत्रित करने, भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति को जल्द सामान्य बनाने की कार्यवाही का अभ्यास कराया गया।
चिकित्सा व्यवस्था की भी जांच
अभ्यास के दौरान किसी भी आपात स्थिति में घायल व्यक्तियों को त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था का भी परीक्षण किया गया। इसके लिए एम्बुलेंस और चिकित्सा दल को सक्रिय रूप से शामिल किया गया।
मौके पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी Sanjay Pandey, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी Rajesh Yadav, सार्जेंट मेजर Suresh Ram, शहर थाना प्रभारी Jyotilal Rajwar सहित पुलिस केंद्र के जवान उपस्थित थे।
