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Friday, February 27, 2026

ओडिशा : वांटेड माओवादी नेता का मिला शव, सरेंडर करने की थी तैयारी

कंधमाल | ओडिशा के कंधमाल जिले में वांटेड माओवादी नेता अन्वेश का शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि अन्वेश सरेंडर करने की तैयारी कर रहा था, लेकिन उसकी योजना का पता चलते ही माओवादी संगठन के अन्य सदस्यों ने उसकी हत्या कर दी और शव को जंगल में दफना दिया। तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने रिजर्व फॉरेस्ट से उसका शव बरामद किया है।

पुलिस के मुताबिक, इस अपराध को अंजाम देने वाला टॉप माओवादी लीडर सुकरू है, जिसने अन्वेश को मारकर जंगल में दफनाया। अन्वेश, केकेबीएन डिवीजन के डिविजनल कमेटी का सदस्य था। कंधमाल जिले के एसपी हरीशा बीसी ने बताया कि जैसे ही पुलिस को इस मामले की जानकारी मिली, फोर्स की दो प्लाटून को जंगल में सर्च ऑपरेशन के लिए भेजा गया।

जांच में सामने आया कि अन्वेश और उसके ग्रुप ने खराब स्वास्थ्य के कारण सरेंडर करने का फैसला किया था। हालांकि, माओवादी संगठन के प्रमुख सुकरू ने इसका जोरदार विरोध किया और सरेंडर न करने की धमकी दी। बावजूद इसके, अन्वेश अपने 12 साथियों के साथ आत्मसमर्पण करने का इरादा रखता था। इसी वजह से सुकरू ने उसकी हत्या कर दी।

अन्वेश मूल रूप से छत्तीसगढ़ के सुकुमा जिले का निवासी था। सरकार ने उसके सरेंडर करने पर 22 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। कंधमाल एसपी ने बताया कि माओवादी नेता सुकरू दरिंगीबाड़ी और रायकिया पुलिस स्टेशन इलाके में सक्रिय है, और पुलिस उसकी हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने यह भी कहा कि कानूनी प्रक्रिया के तहत पुलिस जल्द ही नक्सल ऑपरेशन में कार्रवाई करेगी।

पुलिस के अनुसार, जनवरी 2025 तक कंधमाल में 127 से अधिक माओवादी सक्रिय थे, लेकिन लगातार किए गए ऑपरेशन के बाद अब उनकी संख्या 30 से भी कम हो गई है। पुलिस ने 31 मार्च तक जिले को माओवादी-मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया है। फिलहाल, सुकरू पुलिस के निशाने पर है और यह उम्मीद जताई जा रही है कि अगर वह आत्मसमर्पण करता है, तो अन्य माओवादी भी उसका अनुसरण कर सकते हैं।

मृतक अन्वेश का घर छत्तीसगढ़ के सुकुमा में बताया गया है. सरकार ने अन्वेश के सरेंडर पर 22 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. कंधमाल एसपी हरीशा बीसी ने कहा, ‘माओवादी लीडर सुकरू दरिंगीबाड़ी और रायकिया पुलिस स्टेशन एरिया में एक्टिव है. पुलिस माओवादी मूवमेंट पर नजर रख रही है. पुलिस को इसकी पूरी जानकारी है.

कानून के मुताबिक पुलिस नक्सल ऑपरेशन के जरिए एक्शन लेगी.’ कंधमाल एसी के मुताबिक, जनवरी 2025 में कंधमाल जिले में 127 से ज्यादा माओवादी थे. पुलिस की रेगुलर एक्शन के बाद अब 30 से भी कम माओवादी बचे हैं.

इस बीच, टॉप माओवादी लीडर सुकरू अभी पुलिस के टारगेट पर है. अगर वह सरेंडर करता है, तो उम्मीद है कि दूसरे माओवादी भी सरेंडर करेंगे. पुलिस ने 31 मार्च तक माओवादी-मुक्त होने का टारगेट रखा है.

 

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