नई दिल्ली । महिला आरक्षण कानून यानी ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लागू करने के रोडमैप पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच खींचतान तेज हो गई है। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग दोहराई है।
10 से अधिक विपक्षी दलों का समर्थन
खरगे के इस पत्र को विपक्ष की एकजुटता के तौर पर देखा जा रहा है। इस पर आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, सपा के रामगोपाल यादव सहित 10 से अधिक प्रमुख विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं।
खरगे ने कहा कि सरकार सितंबर 2023 में पारित कानून में एक और संशोधन की योजना बना रही है, जिस पर विस्तृत चर्चा जरूरी है। विपक्ष ने मांग की है कि विधानसभा चुनावों का दौर खत्म होने के बाद 29 अप्रैल को यह बैठक आयोजित की जाए। खरगे ने सुझाव दिया कि चर्चा को सार्थक बनाने के लिए सरकार पहले एक आधिकारिक नोट जारी करे, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि वास्तव में क्या बदलाव प्रस्तावित हैं।
विपक्ष का रुख
खरगे ने तंज कसते हुए कहा कि यह कानून 30 महीने पहले बिना किसी सहमति के पारित किया गया था, और अब सरकार इसके क्रियान्वयन पर चर्चा की बात कर रही है। कांग्रेस और अन्य दलों का मानना है कि इस पर सभी हितधारकों के साथ पारदर्शी तरीके से बात होनी चाहिए।

