बिहार में जारी विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। राजधानी पटना के बेउर सेंट्रल जेल से पूर्व विधायक मुन्ना शुक्ला समेत कुल 15 कैदियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच भागलपुर सेंट्रल जेल में स्थानांतरित किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि जेल के अंदर से चुनावी माहौल प्रभावित किए जाने व आपराधिक साजिश रची जाने की संभावनाओं पर प्रशासन की चिंता थी।
बेउर जेल अधीक्षक ने पुष्टि की है कि इन कैदियों पर विशेष निगरानी तथा सुरक्षा इंतजाम के साथ ही स्थानांतरण किया गया है।
मुन्ना शुक्ला के अलावा जिन कैदियों को भेजा गया है, उनमें पटना जिले एवं आसपास के अन्य नामचीन आरोपियों के नाम भी शामिल हैं — लक्ष्मी सिंह, विशाल कुमार, जयंतकांत राय, बब्लू सहनी, चंदन कुमार, भरत सिंह, गौतम कुमार, अविनाश श्रीवास्तव, नीरज चौधरी, दानिश, सोनू कुमार शर्मा तथा शुभम उर्फ़ राजा।
विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह का कदम चुनाव से पूर्व ‘सुरक्षा-प्रबंधन’ के तहत लिया गया माना जा रहा है — ताकि जेल सेवा-प्रक्रियाओं से सम्भव प्रभाव एवं बाहरी हस्तक्षेप को नियंत्रित किया जा सके। इस तरह की कार्रवाई मतदाता-विश्वास, निष्पक्ष प्रक्रिया और सामान्य प्रशासन-सुरक्षा पहलुओं को भी ध्यान में रखकर की जाती है।


