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Saturday, May 16, 2026

कुरमाली भाषा को शैक्षणिक पहचान दिलाने की मांग, विधायक पूर्णिमा साहू ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

पूर्वी सिंहभूम । जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने कोल्हान विश्वविद्यालय में कुरमाली भाषा के शैक्षणिक पदों के सृजन को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है। विधायक ने मुख्यमंत्री से इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने की मांग की है। यह कदम अदिवासी कुड़मि समाज की केंद्रीय समिति द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के बाद उठाया गया है।

विधायक पूर्णिमा साहू ने अपने पत्र में इस बात पर जोर दिया है कि कोल्हान विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर (पीजी) विभाग और इससे जुड़े कॉलेजों में वर्षों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कुरमाली भाषा की पढ़ाई कर रहे हैं। इसके बावजूद अब तक इस विषय के लिए जरूरी शैक्षणिक पदों का सृजन नहीं किया गया है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर बुरा असर पड़ रहा है।

हालिया फैसले पर जताई चिंता
पत्र में कहा गया है कि राज्य सरकार पहले ही जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण और बढ़ावा देने के लिए विभिन्न भाषाओं में पद सृजन का फैसला ले चुकी है, जिसमें कुरमाली भी शामिल थी। लेकिन इसके बाद भी हाल ही में जारी सरकारी संकल्प में कुरमाली भाषा के पदों का सही तरीके से उल्लेख नहीं किया गया है, जो कि एक चिंता का विषय है।

मातृभाषा और छात्र हित में संशोधन जरूरी
विधायक ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि कुरमाली झारखंड की द्वितीय राजभाषा है। इसके साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 भी मातृभाषा आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की वकालत करती है। ऐसे में कोल्हान विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के हित को देखते हुए जल्द से जल्द पदों का सृजन और जरूरी संशोधन किया जाना बेहद जरूरी है।

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