गुवाहाटी/सिलचर । कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा चुनावी रैली में दिए गए एक विवादास्पद बयान ने असम में राजनीतिक उबाल पैदा कर दिया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की उत्तर और दक्षिण असम प्रांत इकाइयों ने खरगे के विरुद्ध गुवाहाटी के दिसपुर और सिलचर पुलिस थाने में औपचारिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है।
क्या था विवादास्पद बयान?
शिकायत के अनुसार, खरगे ने श्रीभूमि जिले के नीलामबाजार (करीमगंज) में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए आरएसएस और भाजपा की तुलना “जहरीले सांप” से की थी। आरोप है कि उन्होंने कहा— “यदि आप नमाज अदा कर रहे हों और सामने जहरीला सांप आ जाए, तो पहले उसे मारने दौड़ना चाहिए। आरएसएस और भाजपा उसी जहरीले सांप की तरह हैं; यदि इन्हें समाप्त नहीं किया, तो आप जीवित नहीं रह पाएंगे।”
RSS के गंभीर आरोप
प्रांत कार्यवाह खगेन सैकिया और प्रांत संघचालक ज्योत्स्नामय चक्रवर्ती द्वारा हस्ताक्षरित बयान में खरगे के वक्तव्य को उकसावेपूर्ण और सांप्रदायिक बताया गया है। शिकायत में आरएसएस के सदस्यों को ‘सांप’ बताकर उनके उन्मूलन का आह्वान करना शारीरिक क्षति पहुँचाने के लिए उकसाने के समान है। यह बयान हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच वैमनस्य पैदा करने और धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग करने का प्रयास है। इसे जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत ‘भ्रष्ट चुनावी आचरण’ की श्रेणी में रखा गया है। इन बिंदुओं को मुख्य रूप से उठाया गया है।
शांति भंग होने की चेतावनी
आरएसएस ने चिंता व्यक्त की है कि इस प्रकार की टिप्पणियों से असम में सार्वजनिक शांति और सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है। संगठन ने मांग की है कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन करने वाले ऐसे बयानों पर पुलिस कड़ी कानूनी कार्रवाई करे ताकि चुनावी वातावरण में हिंसा या तनाव की स्थिति न बने।

