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Wednesday, April 22, 2026

रामगढ़ में JEE Mains परीक्षा से पहले बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा: सिस्टम हैक करने की थी साजिश, फॉर्च्यूनर समेत 70 कंप्यूटर जब्त

रामगढ़ | झारखंड के रामगढ़ जिले में 2 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली JEE Mains परीक्षा से पहले पुलिस और जिला प्रशासन ने एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। जिले के एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय के कंप्यूटर लैब में घुसकर परीक्षा सिस्टम के साथ छेड़छाड़ करने और सॉल्वर गैंग के जरिए सेटिंग करने की गहरी साजिश रची जा रही थी। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

TCS कर्मचारी बनकर लैब में घुसे थे अपराधी
यह पूरा मामला 29 मार्च 2026 का है। विश्वविद्यालय का तकनीशियन दिनेश कुमार महतो कुछ बाहरी लोगों के साथ मिलकर कंप्यूटर लैब में संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। आरोप है कि ये लोग खुद को परीक्षा कराने वाली कंपनी TCS का कर्मचारी बताकर बिना अनुमति लैब में दाखिल हुए। ये अपराधी लैब के असली मॉनिटर और सीपीयू को हटाकर उनमें विशेष सॉफ्टवेयर वाले सिस्टम इंस्टॉल कर रहे थे ताकि परीक्षा के दौरान धांधली की जा सके।

ऐसे खुली पोल: फॉर्च्यूनर में भरे जा रहे थे कंप्यूटर
साजिश का खुलासा तब हुआ जब विश्वविद्यालय के कर्मचारी उमेश कुमार साव ने लैब का दरवाजा खुला देखा। उन्होंने देखा कि कुछ लोग कंप्यूटर मॉनिटर निकालकर एक फॉर्च्यूनर गाड़ी में रख रहे हैं और गाड़ी से नए सिस्टम निकालकर लैब में लगा रहे हैं। विरोध करने पर आरोपियों ने उन्हें धमकी भी दी। शक होने पर जब विश्वविद्यालय प्रशासन ने TCS के एरिया हेड से संपर्क किया, तो पता चला कि कंपनी ने ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया है।

10 हजार रुपये प्रति मॉनिटर की थी ‘डील’
गिरफ्तार आरोपी दिनेश महतो ने पूछताछ में कबूल किया कि उसे मोटी रकम का लालच देकर इस साजिश में शामिल किया गया था। योजना यह थी कि खास छात्रों को परीक्षा पास कराने के लिए सिस्टम में विशेष सॉफ्टवेयर डाले जाएं। इसके बदले उसे प्रति मॉनिटर 10 हजार रुपये देने का वादा किया गया था। इस गिरोह का मकसद 2 अप्रैल से 8 अप्रैल के बीच होने वाली परीक्षा में धांधली कर करोड़ों रुपये वसूलना था।

पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
रामगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से निम्नलिखित सामान जब्त किया है:

70 कंप्यूटर सिस्टम (मॉनिटर और सीपीयू)

एक फॉर्च्यूनर गाड़ी

तीन मोबाइल फोन

एसडीओ अनुराग तिवारी ने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। डीसी फैज अहमद मुमताज के निर्देश पर हुई जांच में मामला पूरी तरह सही पाया गया है। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

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