हमीरपुर । उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में शुक्रवार तड़के एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ बेतवा नदी पर बनाए जा रहे एक बड़े निर्माणाधीन पुल का हिस्सा तेज आंधी-तूफान के कारण अचानक भरभराकर ढह गया। पुल की भारी-भरकम स्लैब और शटरिंग गिरने से उसकी चपेट में आकर छह निर्माण श्रमिकों (मजदूरों) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य मजदूरों के मलबे में दबे होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है। भीषण हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और बचाव दल के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचकर युद्धस्तर पर राहत कार्य में जुट गए हैं।
तड़के आए अंधड़ ने बरपाया कहर, मलबे में दबे श्रमिक
ललपुरा थाना प्रभारी राकेश सरोज ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे क्षेत्र में आए भीषण आंधी-तूफान के कारण निर्माणाधीन पुल के एक हिस्से की स्लैब शटरिंग सहित नीचे गिर गई। इस मलबे की चपेट में आने से बांदा जिले के निवासी लोकेंद्र, कुलदीप, सावंत यादव के साथ-साथ स्वासा ललपुरा निवासी पुष्पेंद्र सिंह और अछपुरा ललपुरा निवासी राजेश पाल की दर्दनाक मौत हो गई है। इसके अलावा मलबे के नीचे अवधेश, कल्लू और राजेश समेत अन्य कई मजदूर पूरी तरह दब गए हैं। गंभीर रूप से फंसे इन मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की विशेष टीमें लगातार रेस्क्यू (बचाव) अभियान चला रही हैं।
करोड़ों की लागत से दो वर्ष पूर्व शुरू हुआ था निर्माण कार्य
स्थानीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद की विशेष पहल पर करीब दो वर्ष पूर्व ललपुरा के मोरकांदर और कुरारा के कंडोर गांव के मध्य इस नए पुल का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए शासन स्तर से कई करोड़ रुपये की भारी राशि भी अवमुक्त (जारी) की गई थी। हादसे के बाद से पूरे इलाके में मातम और आक्रोश का माहौल है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता मलबे में दबे लोगों की जान बचाना है, जिसके बाद पुल निर्माण की गुणवत्ता और हादसे के तकनीकी कारणों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी।
