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Friday, May 29, 2026

रोजी-रोटी का संकट: SBI एटीएम के पुराने सुरक्षा गार्डों ने उपायुक्त कार्यालय पर दिया धरना

जमशेदपुर । भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के एटीएम में वर्षों से तैनात पुराने सुरक्षा गार्डों के सामने अचानक रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। नई सुरक्षा एजेंसी द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के नौकरी से हटाए जाने के विरोध में शुक्रवार को दर्जनों सुरक्षा कर्मियों ने उपायुक्त (DC) कार्यालय के समक्ष जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मियों ने जिला प्रशासन को एक मांग पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई और अपनी नौकरी बहाल करने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वे पिछले 10 से 15 वर्षों से जमशेदपुर के विभिन्न एसबीआई एटीएम में मुस्तैदी से अपनी सेवाएं दे रहे थे। पहले वे डब्लूडब्लूएसओ (WWSO) कंपनी के तहत कार्यरत थे, लेकिन 1 मई 2026 से सुरक्षा का जिम्मा नई एजेंसी ‘सीआइएसएस’ (CISS) ने संभाल लिया। नई एजेंसी के आते ही इन पुराने और अनुभवी कर्मियों को बिना किसी ठोस कारण के अचानक काम से हटा दिया गया।

पूछने पर दुर्व्यवहार, घर से उठाने की मिल रही धमकी
धरना दे रहे सुरक्षा कर्मियों ने नई एजेंसी के अधिकारियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब वे दोबारा ड्यूटी पर रखने की फरियाद लेकर एजेंसी के पास जाते हैं, तो उनके साथ बदसलूकी की जाती है।

कॉल रिकॉर्डिंग होने का दावा: कर्मियों ने आरोप लगाया कि सीआईएसएस कंपनी के स्थानीय समर्थक सोमनाथ सिंह द्वारा उन्हें गाली-गलौज, मारपीट और यहाँ तक कि घर से उठवा लेने की धमकी दी जा रही है। पीड़ितों का दावा है कि इस धमकी से संबंधित पुख्ता कॉल रिकॉर्डिंग भी उनके पास सुरक्षित है, जिसे वे प्रशासन को सौंपने को तैयार हैं।

कोरोना काल में दी सेवा, अब परिवार भुखमरी की कगार पर
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पवन राय, दिलीप कुमार राय और शहबाज उर्फ चिंटू ने दर्द बयां करते हुए कहा “हमने कोरोना महामारी जैसे भयानक और कठिन दौर में भी अपनी जान की परवाह न करते हुए पूरी ईमानदारी के साथ बैंकों और एटीएम की सुरक्षा की थी। आज अचानक नौकरी से निकाल दिए जाने के कारण हमारे परिवारों के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है। बच्चों की पढ़ाई छूट रही है और घर चलाना मुश्किल हो गया है।”

न्याय न मिलने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
पीड़ित सुरक्षा गार्डों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मानवीय आधार पर पुराने गार्डों को वापस काम पर रखा जाए और धमकी देने वाले तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उन्हें जल्द न्याय नहीं मिला, तो वे अपने हक के लिए इससे भी बड़ा और उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से पवन राय, दिलीप कुमार राय, शहबाज उर्फ चिंटू सहित बड़ी संख्या में पुराने सुरक्षा गार्ड और उनके परिजन उपस्थित थे। प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन के साथ अपने पुराने आईडी कार्ड की कॉपियां और प्रभावित कर्मियों की सूची भी प्रशासन को सौंपी है।

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