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Thursday, May 14, 2026

लाह उत्पादन पुरखों की धरोहर है, इसे बचाएं और बढ़ाएं : मंत्री

खूंटी । राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पा नेहा तिर्की और तोरपा के विधायक सुदीप गुड़िया ने गुरुवार को तोरपा प्रखंड के दियांकेल स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में राज्य के पहले लाह बीज बैंक (बुड लैक बैंक) के अधिष्ठापन कार्य का शिलान्यास किया। इस अवसर पर कृषि अनुसंधान परिषद के निदेशक अभिजीत कर समेत कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।

यह अधिष्ठापन कार्य सिद्धू कान्हो कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ लिमिटेड (सिद्धिकोफेड) की ओर से किया जा रहा है। इसका संचालन कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग (सहकारिता प्रभाग) की वर्ष 2025-26 की स्वीकृत योजना के तहत किया जाएगा। कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में लगभग दो एकड़ क्षेत्र में लाह बीज का उत्पादन किया जाएगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री शिल्पा नेहा तिर्की ने कहा कि पूरे झारखंड की भौगोलिक और सांस्कृतिक स्थिति एक समान है तथा दक्षिण छोटानागपुर के आदिवासी समाज में एकरूपता दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि लाह उत्पादन पुरखों की धरोहर है, जिसे आधुनिक समय में भी जीवित रखने की आवश्यकता है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि लोग जंगलों और प्रकृति से दूर होते जा रहे हैं, जबकि लाह उत्पादन जंगल और पेड़ों से जुड़ी आजीविका का महत्वपूर्ण माध्यम है।

मंत्री ने कहा कि खूंटी में स्थापित होने वाला यह राज्य का पहला बुड लाह बैंक किसानों के लिए काफी लाभदायक साबित होगा। उन्होंने किसानों से केवल धान पर निर्भर नहीं रहने और मड़ुवा, मक्का जैसी वैकल्पिक फसलों की खेती अपनाने की अपील की। उन्होंने बताया कि मड़ुवा की खेती के लिए सरकार द्वारा तीन हजार रुपये की सहायता दी जा रही है तथा राज्य में एक लाख मीट्रिक टन मड़ुवा उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने असमय बारिश और खेती पर उसके प्रभाव को लेकर भी चिंता व्यक्त की। किसानों को सलाह देते हुए कहा कि पहली बारिश के साथ खेतों की जुताई कर खेती शुरू करें। उन्होंने बताया कि 22 मई को हर प्रखंड में कृषि कार्यशाला आयोजित की जाएगी।

मंत्री ने कहा कि किसानों को योजनाओं की जानकारी और प्रशिक्षण लेना जरूरी है। नामकुम स्थित प्रशिक्षण केंद्र में मुफ्त आवास, भोजन और प्रतिदिन 400 रुपये की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से फसल क्षति होने पर किसान अंचल कार्यालय में आवेदन देकर मुआवजा प्राप्त कर सकते हैं तथा आकस्मिक मृत्यु पर चार लाख रुपये तक सहायता का प्रावधान है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक सुदीप गुड़िया ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ लाह उत्पादन है और अब “लाह, लाख बन गया है।” उन्होंने इसे “काला सोना” बताते हुए कहा कि तोरपा विधानसभा क्षेत्र में लाह उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने की अपील करते हुए कहा कि परंपरागत खेती से उत्पादन कम हो रहा है, इसलिए खेती के तौर-तरीकों में बदलाव जरूरी है।

उन्होंने कहा कि जंगलों में मिलने वाले कुसुम, बेर जैसे पेड़ लाह उत्पादन के आधार हैं और “पेड़ों में पैसे उगते हैं।” पंचायत स्तर तक कृषि और लाह उत्पादन से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव आएगा और विकसित झारखंड के निर्माण में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। अंत में कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष दीपक राय ने धन्यवाद ज्ञापन किया। मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष मसीह गुड़िया, सांसद प्रतिनिधि पीटर मुंडू, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा, अंचलाधिकारी पूजा बिनहा सहित काफी संख्या में किसान मौजूद थे।

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