हजारीबाग । शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में मंगलवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की मौजूदगी में कुछ असामाजिक तत्वों ने पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट की। घटना के बाद जिले के पत्रकारों में भारी आक्रोश है और मामले की शिकायत सदर थाने में दर्ज कराई गई है।
सवाल पूछने पर भड़के असामाजिक तत्व
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी हजारीबाग में हुई तीन संदिग्ध मौतों के मामले में परिजनों से मिलने और स्थिति का जायजा लेने अस्पताल पहुंचे थे। जब पत्रकारों ने मंत्री से सवाल पूछने की कोशिश की, तो वहां मौजूद कुछ लोगों ने उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। हमले में एक पत्रकार को चोटें आईं, जिन्हें इलाज के लिए उसी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। वहीं, एक अन्य पत्रकार को अपनी जान बचाकर वहां से भागना पड़ा। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस वक्त यह घटना हुई, वहां जिले के वरीय प्रशासनिक अधिकारी और भारी पुलिस बल मौजूद था, फिर भी हमलावरों को रोका नहीं जा सका।
सियासी उबाल: बाबूलाल मरांडी और सदर विधायक ने की निंदा
इस घटना ने राज्य में राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है:
बाबूलाल मरांडी: नेता प्रतिपक्ष ने सोशल मीडिया (X) पर पोस्ट कर इसे ‘लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला’ करार दिया और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
सदर विधायक प्रदीप प्रसाद: विधायक ने घायल पत्रकारों से मुलाकात की और कहा कि पत्रकारों का काम सवाल पूछना है। मंत्री के सामने ऐसी घटना होना और उनका बीच-बचाव न करना बेहद निंदनीय है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है।
सदर थाना प्रभारी सुभाष कुमार ने बताया कि पत्रकारों की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोषियों की पहचान की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पत्रकारों के साथ मारपीट करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

