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Saturday, May 30, 2026

झारखंड: मतदाता मैपिंग अभियान ने पकड़ी रफ्तार, 75.19% काम पूरा, 15 जून तक अन-मैप्ड वोटर्स के पास मौका

रांची| झारखंड में आगामी चुनाव और मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (Revision) की तैयारियों के बीच मतदाताओं की मैपिंग प्रक्रिया युद्ध स्तर पर जारी है। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के. रवि कुमार ने बताया कि 23 मई से अन-मैप्ड मतदाताओं की सूची को सभी मतदान केंद्रों और आधिकारिक वेबसाइट पर सर्चेबल फॉर्मेट में लाइव किए जाने के बाद से इस अभियान में काफी तेजी आई है।

अब तक करीब 2 करोड़ वोटर्स की मैपिंग पूरी, पिछले एक हफ्ते में बना रिकॉर्ड
शनिवार को जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य में अब तक कुल 75.19 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग का काम सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में 1 करोड़ 99 लाख 15 हजार 463 मतदाताओं को मैप किया गया है। पिछले महज एक सप्ताह के भीतर ही 5 लाख 14 हजार 546 नए मतदाताओं की मैपिंग की गई है, जो इस अभियान की जमीनी सफलता को दर्शाता है। बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के माध्यम से यह विशेष अभियान आगामी 15 जून तक लगातार जारी रहेगा।

धीमी प्रगति वाले क्षेत्रों पर नजर, मंगलवार को जिला निर्वाचन पदाधिकारियों की बड़ी बैठक
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि जिन क्षेत्रों में मैपिंग की रफ्तार फिलहाल धीमी है, वहां विशेष फोकस किया जा रहा है। अन-मैप्ड मतदाताओं की संख्या को तेजी से शून्य पर लाने के उद्देश्य से आगामी मंगलवार को राज्य के सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारियों (DEOs) के साथ एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक बुलाई गई है।

लापरवाह BLOs पर होगी समीक्षा, दिक्कतों का किया जाएगा ऑन-द-स्पॉट निपटारा
इस महत्वपूर्ण बैठक में उन बीएलओ (BLO) की कार्यप्रणाली की विशेष रूप से समीक्षा की जाएगी, जिनके संबंधित क्षेत्रों में मैपिंग का प्रतिशत तय मानक से कम है। इसके साथ ही, मैपिंग कार्य के दौरान बीएलओ को फील्ड में आने वाली तकनीकी और व्यावहारिक कठिनाइयों पर बिंदुवार चर्चा की जाएगी। उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए बैठक में कई जरूरी फैसले लिए जाएंगे।

सीईओ की आम जनता से अपील: बीएलओ से संपर्क कर तुरंत कराएं मैपिंग
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने भरोसा जताया कि प्रशासनिक तत्परता और बीएलओ के सामूहिक प्रयासों से निर्धारित 15 जून की समयसीमा के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा। उन्होंने राज्य के जागरूक मतदाताओं से भी अपील की है कि वे मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट पर जाकर अपना नाम चेक करें। यदि उनका नाम ‘अन-मैप्ड’ सूची में शामिल है, तो वे बिना देरी किए अपने संबंधित बीएलओ से संपर्क कर पिछली गहन पुनरीक्षण सूची के आधार पर मैपिंग की प्रक्रिया पूरी कराएं, ताकि एक सटीक और अपडेटेड वोटर लिस्ट तैयार की जा सके।

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