झारखंड सरकार ने अब शहरी विकास की दिशा में एक महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। राज्य के सभी मुख्य शहरी निकायों की प्रमुख सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के स्तर पर विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है। इसके साथ ही, रांची समेत आठ जिलों में सैटेलाइट टाउन विकसित किए जाने का प्रस्ताव है।
मानव संसाधन एवं पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने सभी स्थानीय शहरी निकायों को आदेश दिया है कि वे अपनी क्षेत्र की महत्वपूर्ण सड़कों की सूची तैयार करें। इस सूची में प्रत्येक सड़क की कुल लंबाई, लेन-संख्या और उनके अंत-समाप्ति बिंदु तक का विवरण होना चाहिए। इसके अतिरिक्त, इन सड़कों की वीडियोग्राफी कराना और गूगल प्लेटफॉर्म पर सूचना जुटाने का निर्देश दिया गया है।
साथ ही, आठ जिलों — रांची, दुमका, हजारीबाग, धनबाद, चाईबासा, बोकारो, रामगढ़ एवं लोहरदगा — में सैटेलाइट टाउनशिप (उप-शहर) बनाने की योजना है। इन जिलों के ज़िलाधिकारियों को आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। रांची की तर्ज पर अन्य शहरों को “स्मार्ट सिटी / सैटेलाइट टाउन” प्रारूप को अपनाते हुए विस्तारित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना है।
सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि शहरी स्थानीय निकाय संपत्तियों का यथार्थ मूल्यांकन करें और कर वसूली को सुदृढ़ करें। उदाहरण स्वरूप, रांची नगर निगम क्षेत्र में लगभग 4.9 लाख संपत्तियाँ कराधान की दायरे में हैं, जिनमें लगभग 200 करोड़ रुपये बकाया हैं।
अपशिष्ट प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए एक समर्पित डैशबोर्ड विकसित करने का आदेश दिया गया है, जिससे कचरा उठान और निस्तारण की प्रक्रिया में पारदर्शिता लायी जा सके। तकनीकी रूप से, जियो फेंसिंग, आरएफआईडी और जीपीएस आधारित उपायों का उपयोग कर कचरा प्रबंधन में एकरूपता लाने का भी प्रस्ताव है।
इस व्यापक योजना का उद्देश्य न सिर्फ शहरों की सड़कों को बेहतर बनाना है, बल्कि शहरी विस्तार और बुनियादी ढाँचे में एक समेकित सुधार लाना है, ताकि राज्य में जीवन स्तर बेहतर हो और विकास संतुलित हो सके।


