रांची : फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को झारखण्ड सरकार की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पाण्डे सिंह से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर दावोस वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में झारखण्ड चैम्बर की सहभागिता सहित राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुलाकात के क्रम में प्रतिनिधिमंडल ने राज्य की मजबूती हेतु ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने पर बल दिया। यह सुझाया गया कि शहरी क्षेत्रों में भूमि की सीमित उपलब्धता को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग स्थापना को प्रोत्साहन देने की पहल की जानी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में रियायती दरों पर भूमि एवं सब्सिडी के माध्यम से निवेशकों को आकर्षित करने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार का सृजन भी सम्भव होगा। यह भी कहा गया कि वर्तमान में रांची से लोहरदगा, टोरी एवं आसनसोल मेमू ट्रेन का परिचालन हो रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र से काफी संख्या में लोग शहर आकर शाम तक वापस लौटते हैं। लोगों की सुविधा को देखते हुए मेमो ट्रेनों को अन्य जिलों से भी जोड़ा जाना चाहिए। माननीय मंत्री ने इसे महत्वपूर्ण सुझाव बताते हुए माननीय रेल मंत्री से इस विषय में चर्चा करने का आश्वासन दिया।
चैम्बर की ओर से पलाश ब्रांड के प्रमोशन एवं ब्रांडिंग में चैम्बर के साथ सहभागिता का भी प्रस्ताव रखा गया, जिस पर माननीय मंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए चैम्बर के सहयोग से पलाश उत्पादों को प्रभावी रूप से शोकेस करने की बात कही। चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने बिहार में गठित मखाना बोर्ड की तर्ज पर झारखण्ड में महुआ बोर्ड की स्थापना का सुझाव दिया, जिस पर माननीय मंत्री ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमंडल में चैम्बर महासचिव रोहित अग्रवाल, सह सचिव नवजोत अलंग और रोहित पोद्दार शामिल थे।


