पश्चिमी सिंहभूम। जिले के मझगांव में गुरुवार को झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की विधानसभास्तरीय बैठक आम बगीचा में आयोजित की गई।
बैठक में बड़ी संख्या में आंदोलनकारियों ने भाग लिया। बैठक में झारखंड आंदोलन से जुड़े लोगों की वर्तमान स्थिति, उनके अधिकारों और लंबित मांगों पर गंभीर चर्चा की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि झारखंड राज्य के गठन में आंदोलनकारियों का योगदान अमूल्य रहा है, लेकिन आज वही लोग उपेक्षा का शिकार हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों की स्थिति आम मजदूरों से भी बदतर हो गई है, जो अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने सरकार से आंदोलनकारियों को राजकीय मान-सम्मान देने, उन्हें अलग पहचान देनेे, उनके बच्चों को रोजगार की गारंटी और जेल जाने की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग की।
वहीं विशिष्ट अतिथि और मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता मो बारीक ने कहा कि आंदोलनकारी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं और जो सरकार उनकी मांगों को पूरा करेगी, वे उसी का समर्थन करेंगे। उन्होंने सरकार से अपील की कि आंदोलनकारियों की जायज मांगों पर बिना देरी के पहल की जाए।
बैठक की अध्यक्षता सोमनाथ चातर ने किया।
कार्यक्रम को संयोजक मो शाहिद अंसारी सहित अन्य ने संबोधित किया।
बैठक में अहमद हुसैन, मोहम्मद इस्माइल, समुचरण जराई, पानमति तिरिया, प्रमिला तिरिया, मो तोफिक अंसारी, सुलेमान हेंब्रम, शब्बीर अहमद, जाकिर हुसैन, शकील अहमद, नंदकिशोर तिरिया, मोरंग सिंह जराई, पवित्र जराई, सहित अन्य मौजूद थे।
बैठक में धनंजय पिंगुवा और अकील अंसारी के आकस्मिक निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

