तेहरान | अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमले का आज चौथा दिन है। इस संघर्ष के नतीजों से मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़ते जा रहे हैं, जिससे हवाई सेवाओं, तेल की कीमतों और कई अन्य क्षेत्रों में व्यापक असर देखा जा रहा है। इसका प्रभाव भारत समेत वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा रहा है।
ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामनेई की मृत्यु के बाद, ईरान और पश्चिमी देशों के बीच टकराव और भी तीव्र हो गया है। जवाबी कार्रवाई के रूप में, ईरान लगातार अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है और इजराइल पर भारी मिसाइल हमले कर रहा है। इन हमलों से अमेरिका और इजराइल को बड़े पैमाने पर जान-माल की क्षति हुई है।
इसी बीच, सऊदी अरब की राजधानी रियाद में स्थित अमेरिकी दूतावास पर भी हमला किया गया, जिससे वहां आग लग गई। हालांकि अब तक इस घटना में हुए नुकसान और हताहतों की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है। मिडिल ईस्ट में उभरता यह तनाव वैश्विक स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है।


