नवादा । नवादा जिले रजौली में बुधवार को एनएच-20 स्थित रजौली टोल प्लाजा के समीप एक भीषण सड़क हादसे में छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जाता है कि तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़ी हाईवा ट्रक से पीछे से टकरा गई।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और सभी सवार गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायल झारखंड के प्रसिद्ध रजरप्पा मंदिर से पूजा कर लौट रहे थे और नालंदा जिले के बेना थाना क्षेत्र के बीरनामा गांव के निवासी बताए जा रहे हैं।
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और एनएचआई टोल प्लाजा की एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को तत्काल रजौली अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया। लेकिन अस्पताल पहुंचते ही स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अस्पताल में काफी देर तक न तो कोई डॉक्टर मौजूद था और न ही नर्सिंग स्टाफ। घायल मरीज इलाज के इंतजार में तड़पते रहे, लेकिन प्राथमिक उपचार तक शुरू नहीं किया गया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में ऑक्सीजन, दवा और जरूरी सुविधाओं की घोर कमी रही। काफी देर के बाद जब डॉक्टर पहुंचे, तब तक एक घायल की हालत बिगड़ चुकी थी और उसकी मौत हो गई। वहीं अन्य पांच घायलों की स्थिति चिंताजनक देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए पावापुरी स्थित विम्स अस्पताल रेफर कर दिया गया।
इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और जमकर हंगामा हुआ। लोगों ने आरोप लगाया कि अगर समय पर इलाज मिलता तो एक व्यक्ति की जान बच सकती थी। घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की बदहाल व्यवस्था और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को उजागर कर दिया है।
रजौली प्रखंड प्रमुख बब्लू यादव ने कहा, “यहां की व्यवस्था पोस्ट ऑफिस की तरह हो गई है, जहां इलाज नहीं बल्कि सिर्फ रेफर किया जाता है। जिंदा मरीज को मृत घोषित कर दिया गया। दो घंटे तक डॉक्टर नहीं पहुंचे, न ऑक्सीजन लगाया गया, न दवा दी गई। समय रहते इलाज होता तो जान बच सकती थी।”
वहीं एनएचआई टोल प्लाजा के एंबुलेंस चालक ने बताया, “हम लोग घायलों को अस्पताल लाए, लेकिन वहां एक भी डॉक्टर या नर्स मौजूद नहीं था। काफी हंगामे के बाद डॉक्टर पहुंचे, लेकिन तब तक एक व्यक्ति की मौत हो चुकी थी। समय पर इलाज मिलता तो शायद जान बच जाती।”

