काठमांडू। भारत के गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर मिले दो नेपाली बच्चे शुक्रवार को उनके परिवार के हवाले कर दिए गए। दो सप्ताह पहले नेपाल से आये ये बच्चे एक चाय की दुकान में रह रहे थे।
नेपाल के प्यूठान नगरपालिका थापाडांडा की 13 वर्षीय इशा बोहरा और उनके 7 वर्षीय भाई सुदीप बोहरा पिछले दो हफ्तों से गोरखपुर रेलवे स्टेशन के सामने स्थित एक चाय की दुकान में रह रहे थे। दोनों बच्चे दो सप्ताह पहले अपने घर से निकलकर बिना किसी तय मंजिल के यात्रा करते हुए गोरखपुर पहुंच गए थे। बच्चों ने बताया कि पिता की मृत्यु के बाद उनकी मां ने दूसरी शादी कर ली, जिसके बाद उन्होंने घर छोड़ दिया।
गोरखपुर रेलवे स्टेशन के सामने चाय की दुकान चलाने वाली महिला कृष्णा पांडे ने बताया कि करीब दो सप्ताह पहले ये बच्चे रेलवे स्टेशन के सामने सड़क पर भटकते हुए मिले थे। नेपाली लड़की की उम्र उनकी अपनी बेटी की उम्र से मिलती-जुलती थी और उन्हें लगा कि यह बच्चे विभिन्न जोखिमों का सामना कर सकते हैं, इसलिए उन्होंने उन्हें अपने पास रखा।
भारत की राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी प्रेममाया ने बच्चों को देखने के बाद भारत-नेपाल मैत्री समाज के अध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता को सूचना दी थी। उन्होंने बताया जब उन्हें इन बच्चों के लावारिस हालत में होने की जानकारी मिली, तो वे स्वयं उस स्थान पर पहुंचे और उनके बारे में जानकारी ली।
इसके बाद अनिल कुमार गुप्ता कपिलवस्तु के शिवराज नगरपालिका-1, शिवपुर निवासी बच्चों के चाचा तुकमान बोहरा के साथ गोरखपुर पहुंचे।
गुप्ता के अनुसार बच्चों के घर छोड़ने की वास्तविक वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है, लेकिन उनकी बातों से ऐसा लगा कि पारिवारिक स्नेह नहीं मिलने के कारण उन्होंने घर छोड़ा। उन्होंने बताया कि पुलिस की मदद से दोनों बच्चे चाचा तुकमान बोहरा को सौंप दिए गए और उन्हें लेकर नेपाल आ गए हैं।

