30 C
Kolkata
Friday, March 20, 2026

भारत ने दुर्लभ मृदा चुंबक निर्माण इकाइयों के लिए वैश्विक बोलियां आमंत्रित कीं

नई दिल्ली। भारी उद्योग मंत्रालय ने घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई एक योजना के तहत सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (आरईपीएम) के लिए एकीकृत विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने के लिए वैश्विक बोलियां आमंत्रित की हैं।

भारी उद्योग मंत्रालय के मुताबिक 6,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) की कुल क्षमता वाली (एनडीएफईबी) आधारित आरईपीएम निर्माण इकाइयां स्थापित करने के लिए लाभार्थियों का चयन करने के लिए ‘प्रस्ताव के लिए अनुरोध’ (आरएफपी) जारी किया है। निविदा प्रक्रिया को पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाली न्यूनतम लागत प्रणाली (एलसीएस) के तहत ऑनलाइन संचालित किया जाएगा, जिसमें सीपीपी पोर्टल के माध्यम से दो चरणों की प्रक्रिया शामिल होगी। निविदा दस्तावेज आज से ऑनलाइन उपलब्ध हैं। निविदा को जमा करने की अंतिम तिथि 28 मई है, जबकि तकनीकी बोलियां 29 मई को खोली जाएंगी।

मंत्रालय के मुताबिक इस निविदा प्रक्रिया के माध्यम से इच्छुक आवेदक देश में एकीकृत सिंटर्ड एनडीएफईबी आरईपीएम विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए अपनी बोलियां जमा कर सकते हैं। निविदा प्रक्रिया केंद्रीय सार्वजनिक खरीद (सीपीपी) पोर्टल के माध्यम से दो चरणों (तकनीकी बोली और वित्तीय बोली) वाली पारदर्शी न्यूनतम लागत प्रणाली (एलसीएस) के तहत ऑनलाइन आयोजित की जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 26 नवंबर, 2025 को 7,280 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (आरईएम) के निर्माण को बढ़ावा देने की योजना को अपनी मंजूरी दी थी।

Related Articles

Stay Connected

0FansLike
3,851FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles