रांची | झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में राज्य टास्क फोर्स (टीकाकरण) की बैठक हुई। इस बैठक में एनएचएम झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, पुलिस विभाग से एसके झा, और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने शिरकत की।
टीकाकरण के प्रचार के लिए सोशल मीडिया और पीएमयू गठन पर जोर
बैठक में अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि टीकाकरण के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया को सशक्त बनाया जाए। इसके अतिरिक्त, एक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीएमयू) का गठन करने को कहा गया ताकि कोई भी लाभार्थी टीकाकरण से ना छूटे। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि वंचित लाभार्थियों का फोन के माध्यम से फॉलोअप किया जाए। इस प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए एएनएम को व्यक्तिगत रूप से संपर्क साधने और एआई आधारित कॉल सेंटर स्थापित करने का निर्देश दिया गया।
गैप एनालिसिस और जवाबदेही सुनिश्चित करना
जहां-जहां अभियान में कमी या बाधाएं हैं, उनके समाधान के लिए गैप एनालिसिस करने पर जोर दिया गया। यदि किसी कर्मी द्वारा लापरवाही का मामला सामने आए तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। बैठक में चंदनकियारी के एक डॉक्टर की लापरवाही से जुड़ा मामला भी उठाया गया, जिस पर जांच कर जिम्मेदारी तय करने और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
संचार को सुदृढ़ बनाने और विभागीय सहयोग
हर जिले में प्रतिष्ठित चिकित्सकों द्वारा मासिक प्रेस ब्रीफिंग आयोजित करने का आदेश दिया गया। अभियान को सफल बनाने में आईसीडीएस, पंचायती राज, शिक्षा, कल्याण, आईपीआरडी और पुलिस विभाग का सहयोग महत्वपूर्ण बताया गया। 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए एनजीओ, रोटरी क्लब जैसे सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर काम करने की योजना भी बनाई गई, ताकि एचपीवी वैक्सीन हर पात्र किशोरी तक पहुंच सके।
28 फरवरी को एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ
झारखंड ने 28 फरवरी 2026 को एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण अभियान का आरंभ किया। इस पहल के तहत 14 से 15 वर्ष की आयु वर्ग की लगभग 4 लाख किशोरियों को गर्भाशय ग्रीवा कैंसर से बचाने के लिए एचपीवी टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार ने इस अभियान को मिशन मोड में संचालित कर अधिकतम पहुंच सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई है।


