पश्चिमी सिंहभूम। पश्चिमी सिंहभूम जिला के कुमारडुंगी थाना क्षेत्र अंतर्गत टांगर गांव में हाथियों की सक्रियता के बीच चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। हाथी के डर से अपना दुकान-घर छोड़कर गांव के भीतर सोने गए एक दुकानदार को रातों-रात भारी नुकसान झेलना पड़ा। अज्ञात चोरों ने पीछे की दीवार तोड़कर करीब 50 हजार रुपये नकद सहित दुकान का सामान उड़ा लिया।
मिली जानकारी के अनुसार टांगर गांव निवासी लक्ष्मण गोप का दुकान-सह-आवास गांव के बाहरी हिस्से में स्थित है। शुक्रवार की रात इलाके में जंगली हाथी की आवाजाही की सूचना मिलने के बाद वे परिवार सहित एहतियातन गांव के अंदर स्थित दूसरे घर में सोने चले गए। रात करीब 11 बजे उनके पिता अर्जुन गोप दुकान-घर की स्थिति देखने पहुंचे थे, तब सब कुछ सामान्य था। आशंका जताई जा रही है कि घटना इसके बाद देर रात अंजाम दी गई। चोरों ने सुनियोजित तरीके से दुकान के पीछे की दीवार को तोड़कर अंदर प्रवेश किया। अंदर रखे गल्ला से लगभग 50 हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गए। इसके अलावा सरसों तेल, बिस्कुट और अन्य दैनिक उपयोग के सामान भी बड़ी मात्रा में गायब मिले। हालांकि सामने रखे मोबाइल फोन और लैपटॉप को चोरों ने हाथ तक नहीं लगाया, जिससे घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
शनिवार सुबह लगभग साढ़े पांच बजे जब परिजन दुकान-घर पहुंचे तो पीछे की दीवार टूटी हुई मिली। बताया गया कि सड़क किनारे लगे साइन बोर्ड को खड़ा कर उसकी आड़ में दीवार तोड़ी गई थी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी रंजीत उरांव मौके पर पहुंचे और छानबीन शुरू की। पीड़ित लक्ष्मण गोप ने बताया कि एक दिन पूर्व समीप के चौकड़ी गांव में भी हाथी ने एक घर को क्षतिग्रस्त कर दिया था और घर के बाहर खड़े होकर रास्ता अवरुद्ध कर दिया था। इसी कारण उन्होंने जोखिम नहीं लिया और दुकान-घर में रुकने की बजाय गांव के भीतर शरण ली। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि हाथी से तो कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन चोरों ने मौके का फायदा उठाकर सारी नकदी साफ कर दी। उन्होंने बताया कि चोरी हुए रुपये उन्होंने एक दिन पहले ही बैंक से निकाले थे।


