गिरिडीह: जिले में कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने और अपराध नियंत्रण को लेकर गिरिडीह के एसपी डॉ. विमल कुमार ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। शुक्रवार को हुई मासिक अपराध समीक्षा बैठक के दौरान कार्यों में लापरवाही और अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन न करने पर एसपी ने तीन थाना प्रभारियों से स्पष्टीकरण (शोकॉज) मांगा है।
इन तीन थाना प्रभारियों पर गिरी गाज
समीक्षा बैठक के दौरान थानों के कार्यों, लंबित मामलों के निष्पादन और अनुसंधान (Investigation) की धीमी प्रगति को देखते हुए एसपी ने निम्नलिखित प्रभारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है:
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विभूति देव (थाना प्रभारी, जमुआ)
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पिकू कुमार (थाना प्रभारी, सरिया)
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शंभूनाथ ईश्वर (थाना प्रभारी, तिसरी)
गंभीर मामलों के लिए ‘स्पेशल इन्वेस्टीगेशन सेल’ का गठन
जिले में गंभीर और पेचीदा आपराधिक मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए एसपी डॉ. विमल कुमार ने एक स्पेशल इन्वेस्टीगेशन सेल (SIC) का गठन किया है। यह सेल विशेष तरीके से मामलों की वैज्ञानिक और त्वरित जांच करेगी। इस सेल को दो हिस्सों में बांटा गया है:
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मुख्यालय टीम: इस टीम में 7 सदस्य होंगे, जो मुख्य रूप से हेडक्वार्टर से काम संभालेंगे।
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खोरीमहुआ टीम: इस टीम में 5 सदस्य होंगे, जो खोरीमहुआ क्षेत्र में सक्रिय रहकर काम करेंगे।
यह विशेष टीम किसी भी बड़ी या गंभीर आपराधिक घटना होने पर संबंधित थाने की पुलिस को जांच और अनुसंधान में पूरा सहयोग प्रदान करेगी।
थाना प्रभारियों को एसपी के कड़े निर्देश
मासिक बैठक में एसपी ने सभी एसडीपीओ (SDPO), डीएसपी, इंस्पेक्टर और थाना प्रभारियों को स्पष्ट हिदायत दी है कि:
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थानों में आने वाले आम लोगों की समस्याओं का तुरंत और सम्मानपूर्वक समाधान किया जाए।
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लंबित पड़े पुराने मामलों (Pending Cases) का शीघ्रता से निष्पादन हो।
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क्षेत्र में गश्त और पुलिसिंग को मजबूत कर अपराध पर पूरी तरह नियंत्रण लगाया जाए।
