33.8 C
Kolkata
Tuesday, March 3, 2026

चार श्रम संहिताएं श्रमिक संरक्षण कानूनों को समाप्त करेंगी : माकपा

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पोलित ब्यूरो ने केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई चार श्रम संहिताओं से संबंधित अधिसूचना का कड़ा विरोध किया है। माकपा के झारखंड राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने शनिवार को जारी एक विज्ञप्ति में आरोप लगाया कि नए श्रम कोड 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर देंगे, जो अब तक श्रमिकों को कुछ हद तक सुरक्षा प्रदान करते रहे हैं। प्रकाश विप्लव ने कहा कि वर्तमान श्रम कानूनों में कई सीमाएं होने के बावजूद वेतन, काम के घंटे, सामाजिक सुरक्षा, औद्योगिक सुरक्षा, निरीक्षण व्यवस्था और सामूहिक सौदेबाजी जैसे अधिकार संरक्षित थे, लेकिन नई श्रम संहिताओं के जरिए इन स्थापित अधिकारों को कमजोर करने और नियोक्ताओं के पक्ष में संतुलन स्थानांतरित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने केंद्र सरकार के इस दावे को भी खारिज किया कि श्रम संहिताएं रोजगार और निवेश को बढ़ावा देंगी। उनके अनुसार ये संहिताएं श्रमिकों को पूंजी के सामने असुरक्षित छोड़ने और कॉर्पोरेट वर्ग को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बनाई गई हैं।
माकपा नेता ने दावा किया कि इन संहिताओं में हड़ताल के अधिकार को सीमित करने का भी प्रावधान है, जिससे श्रमिकों के अधिकारों पर गहरा प्रहार होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार श्रमिकों के हितों को कुचलने के लिए कॉर्पोरेट जगत को एकतरफा शक्ति प्रदान कर ‘जंगल राज’ स्थापित करने की कोशिश कर रही है। विप्लव ने कहा कि इन संहिताओं को बिना वास्तविक त्रिपक्षीय परामर्श के आगे बढ़ाना लोकतांत्रिक और संघीय मानदंडों का उल्लंघन है। उनके मुताबिक सरकार ने पूरी प्रक्रिया में ट्रेड यूनियनों को नज़रअंदाज़ किया और संसद में विधेयकों को बिना बहस जल्दबाजी में पारित कर दिया।

Related Articles

Stay Connected

0FansLike
3,851FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles