पलामू । मेदिनीनगर सदर थाना क्षेत्र के पोखराहा में फोरलेन सड़क किनारे स्थापित पुलिस चेकपोस्ट को उखाड़ने और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने जेएलकेएम नेता आयशा सिंह, अनिकेत मेहता, अभिषेक पासवान समेत 34 लोगों को नामजद करते हुए 125 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस सभी नामजद और अज्ञात आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
हादसे में ग्रामीण चिकित्सक की मौत के बाद भड़का था आक्रोश
सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) राजेश यादव और सदर थाना प्रभारी अफजल अंसारी ने शुक्रवार को मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। उल्लेखनीय है कि गुरुवार को डालटनगंज-पांकी मुख्य मार्ग स्थित पोखराहा के पास एक तेज रफ्तार हाइवा की चपेट में आने से पांकी प्रखंड के करार गांव निवासी ग्रामीण चिकित्सक मजीद अंसारी की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क जाम कर उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया था।
छह घंटे तक ठप रहा नेशनल हाईवे, चेकपोस्ट को उखाड़ा
ग्रामीणों का आरोप था कि पिछले 15 दिनों के भीतर इसी ब्लैक स्पॉट पर सड़क दुर्घटनाओं में तीन लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन प्रशासन ने सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए। इस मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग को करीब छह घंटे तक पूरी तरह बाधित रखा। पुलिस के अनुसार, इसी हंगामे के दौरान उग्र भीड़ ने सड़क किनारे स्थापित सरकारी पुलिस चेकपोस्ट को भारी नुकसान पहुंचाया और उसे उखाड़ दिया। इसके साथ ही मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के सरकारी कार्य में भी बाधा डालने का प्रयास किया गया।
अधिकारियों की वार्ता के बाद खुला जाम
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय पांडे और एसडीपीओ राजेश यादव भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और मृतक के परिजनों से काफी लंबी वार्ता की। प्रशासन द्वारा सुरक्षा मानकों को दुरुस्त करने के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए, जिसके बाद जाम को समाप्त कराकर नेशनल हाईवे पर यातायात बहाल कराया गया।
दोषियों के खिलाफ होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग और पांकी रोड के क्रॉसिंग पॉइंट पर तत्काल प्रभावी व स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की जाए। इधर, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना सबका अधिकार है, लेकिन कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने, सरकारी संपत्ति को नष्ट करने और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को रोकने के आरोपों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वीडियो फुटेज और जांच के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।
